राठौड़ की जमानत याचिका पर सुनवाई बुधवार तक टली
जिला एवं सत्र न्यायालय ने 1990 में रुचिका गिरहोत्रा के साथ दुर्व्यवहार करने के मामले में 25 मई को 68 वर्षीय राठौड़ को 18 महीने कैद की सजा दी थी। वर्तमान में वह यहां के बुरैल जेल में बंद हैं।
मंगलवार को इस मामले में कोई बहस नहीं हुई। मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश अजय तिवारी की खंडपीठ ने दोपहर 2.30 बजे इस मामले को बुधवार तक के लिए स्थगित कर दिया। शिकायतकर्ता आनंद प्रकाश के वकील बीमारी के चलते अदालत में उपस्थित नहीं हो सके थे इसीलिए मामले की सुनवाई स्थगित की गई।
प्रकाश के वकील पंकज भारद्वाज के एक प्रतिनिधि ने अदालत से अनुरोध करते हुए कहा कि भारद्वाज सुबह अदालत में मौजूद थे लेकिन उनकी तबियत ठीक न होने की वजह से उन्हें जाना पड़ा।
प्रकाश रुचिका की मित्र व मामले में अकेली गवाह आराधना के पिता हैं।
राठौड़ की पत्नी व वकील आभा राठौड़ ने मामले में सुनवाई टलने पर अपना विरोध जताया।
उन्होंने न्यायाधीश के समक्ष कहा, "हम सुबह से बहस के लिए इंतजार कर रहे हैं। इस बात की क्या गारंटी है कि वह कल स्वस्थ होकर आ जाएंगे।"
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के वकील अनमोल रतन सिधू ने यहां मंगलवार को पत्रकारों से कहा कि उन्होंने अपना जवाब अदालत को सौंप दिया है और बुधवार को होने वाली बहस के लिए तैयार हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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