'न्यायाधीश के लिए प्रस्तावित 5 नामों की समीक्षा हो'
कानून मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को आईएएनएस से कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के पांच न्यायाधीशों के पैनल (कॉलीजियम) ने वकीलों को न्यायाधीश बनाए जाने के लिए उच्च न्यायालय द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में कुछ अंतनिर्हित समस्याएं उठाई हैं।
अधिकारी ने कहा, "महिला वकीलों में से एक मीनाक्षी अरोड़ा का नाम नियुक्ति के लिए अनुशंसित किया गया था लेकिन उन्होंने अपनी सहमति वापस ले ली है।"
इस संबंध में अरोड़ा से पूछे जाने पर उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के लिए प्रस्तावित अपने नाम पर से सहमति वापस ले ली है। यद्यपि उन्होंने इसके पीछे के कारणों के संबंध में कुछ नहीं बताया।
कानून मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि नियुक्ति प्रस्ताव में अन्य परेशानियां भी हैं।
अधिकारी ने कहा कि प्रस्ताव को पूर्व मुख्य न्यायाधीश ए.पी. शाह की अध्यक्षता वाली समिति ने भेजा था और वह भी शाह की सेवानिवृत्ति से ठीक पहले इसे भेजा गया था।
उन्होंने बताया कि देश के नए प्रधान न्यायाधीश नया प्रस्ताव चाहते हैं इसलिए उन्होंने इस प्रस्ताव को दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की स्वीकृति के लिए भेजा है।
जिन पांच वकीलों के नाम अनुशंसित किए गए थे वे दिल्ली उच्च न्यायालय की बार एसोसिएशन से जुड़े हैं। इनमें अभिनव वशिष्ठ, राजीव विरमानी, अनुसूइया सालवान, मीनाक्षी अरोड़ा और मनिंदर आचार्य शामिल हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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