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तंबाकू सेवन : गांव की औरतों ने शहरी बालाओं को पीछे छोड़ा

By Jaya Nigam
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Beedie
नई दिल्ली। वैसे तो हर मामले में शहर की औरतें गांव की महिलाओं से आगे मानी जाती हैं। लेकिन तंबाकू के सेवन मामले में गांव की गोरियों ने शहरी आधुनिकाओं को पीछे छोड़ दिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि शहरी क्षेत्र में केवल 0.5 प्रतिशत महिलाएं धूम्रपान करती हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में यह संख्या दो प्रतिशत है।

आंकड़ों के मुताबिक पूरे भारत में 10 प्रतिशत महिलाएं विभिन्न रूपों में तंबाकू का सेवन कर रही हैं। शहरी क्षेत्रों की 6 प्रतिशत महिलाएं और ग्रामीण इलाकों की 12 प्रतिशत महिलाएं धुआं रहित तंबाकू का सेवन करती हैं। अगर पुरुषों के संदर्भ में बात की जाए तो आंकड़े बताते हैं कि भारत में हर तीसरा पुरुष तंबाकू का सेवन करता है।

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प्रसिद्ध हृदयरोग विशेषज्ञ बलवीर सिंह कहते हैं, भारत के युवाओं में धूम्रपान के कारण हृदयाघात (हार्ट अटैक) का खतरा बढ़ रहा है।

सिंह ने कहा कि आमतौर पर युवा तनाव दूर करने के लिए तंबाकू का सेवन करते हैं। कुछ पलों के लिए तो उन्हें बहुत सुकून महसूस होता है, लेकिन बाद में वे लंबे समय के लिए तनाव मोल ले लेते हैं। धूम्रपान से हृदय की मुख्य रक्तवाहिका बंद हो जाती है और रक्तचाप बढ़ जाता है। इन्हीं कारणों से हृदयाघात होता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया भर में 80 प्रतिशत पुरुष तंबाकू का सेवन करते हैं। लेकिन कुछ देशों की महिलाओं में तंबाकू सेवन की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है। दुनिया भर के धूम्रपान करने वालों का लगभग 10 प्रतिशत भारत में हैं। आंकड़ों बताते हैं कि इस साल देश में लगभग 10 लाख लोग तंबाकू सेवन के कारण मर सकते हैं।

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