उड़ानें नहीं हुईं सुचारु, प्रबंधन का रुख कड़ा (लीड-2)
एयर इंडिया के अधिकारियों के मुताबिक निलंबित कर्मचारियों में मुख्य रूप से ऑल इंडिया एयरक्राफ्ट इंजीनियर्स एसोसिएशन और एयर कारपोरेशन इम्प्लाइज यूनियन के नेता शामिल हैं। इन दोनों संघों के कार्यालयों को भी सील कर दिया गया है।
प्रबंधन के एक अधिकारी ने कहा, "हम इन दोनों संघों की मान्यता रद्द करने के लिए भी कदम उठा रहे हैं।" उन्होंने कहा कि प्रबंधन ने बुधवार से जो भी कदम उठाए उस पर उसे नागरिक उड्डयन मंत्रालय से सहयोग हासिल है।
यद्यपि, संघ के नेता अब भी अड़े हुए हैं और उनका कहना है कि वे दूसरी हड़ताल के लिए बाकायदा नोटिस देंगे।
इधर विमानन कंपनी ने कहा है कि उसे उड़ानों का परिचालन सामान्य बनाने में एक या दो दिन लगेंगे। गुरुवार को 78 नियमित उड़ाने भरी गईं और अगले कुछ दिनों में सभी उड़ानें सुचारु हो जाएंगी।
मुंबई में एयर इंडिया के एक प्रवक्ता ने आईएएनएस से कहा, "नई दिल्ली और कोलकाता से जाने वाली कुछ उड़ानें गुरुवार सुबह रद्द की गईं परंतु मुंबई से हम सभी उड़ानों का संचालन करने में कामयाब रहे हैं। अहमदाबाद के लिए तड़के की दो उड़ानें संचालित नहीं की जा सकीं लेकिन उस उड़ान के यात्रियों को दूसरी उड़ानों में समायोजित कर लिया गया।"
एयर इंडिया प्रबंधन का कहना है कि हड़ताल की वजह से 100 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं जिस कारण न सिर्फ 13,000 यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी बल्कि कंपनी को भी 12 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के बाद बुधवार शाम हड़ताल पर गए कर्मचारियों के संगठन ने हड़ताल खत्म करने की घोषणा की थी। प्रबंधन ने यूनियन के 15 नेताओं को बर्खास्त कर दिया है।
इस बीच अदालत के फैसले के बाद एयर इंडिया के प्रबधंन और सरकार का यूनियन के प्रति रुख और कड़ा हो गया है।
फैसले के बाद एयर इंडिया के चेयरमैन अरविंद जाधव ने कहा कि प्रबंधन को सरकार का पूरा समर्थन हासिल है और वह कड़ा कदम उठाएगा।
इस बारे में नागरिक उड्डयन सचिव एम. माधवन नांबियार ने कहा, "हम यह सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में ऐसी स्थिति पैदा न हो।"
यद्यपि यूनियन के नेताओं ने इस मामले को मुख्य श्रम आयुक्त एस. के. मुखोपाध्याय के समक्ष उठाने का फैसला किया है। वह इस मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे थे और उन्होंने यूनियनों को आश्वस्त किया था कि किसी कर्मचारी को पीड़ित नहीं किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को एयर इंडिया के 15,000 से अधिक कर्मचारी वेतन मिलने में देरी और मीडिया से बात करने पर रोक लगाए जाने पर विरोध जताते हुए हड़ताल पर चले गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications