विश्व शांति का संदेश फैलाएगा बुद्ध स्मृति पार्क (लीड-1)
भगवान बुद्ध के 2554वें महापरिनिर्वाण वर्ष की स्मृति में तैयार किए गए इस पार्क के निर्माण पर 125 करोड़ रुपये की लागत आई है। इस पार्क क्षेत्र में आधुनिक संग्रहालय का भी निर्माण कराया गया है। संग्रहालय में भगवान बुद्ध की स्मृति के कई अवशेष तथा बौद्ध धर्म से जुड़ी कई ऐसी वस्तुओं को रखा गया है जो बौद्ध धर्म के स्वर्णिम इतिहास से लोगों को रूबरू कराएंगी।
पार्क में बने 200 फुट उंचे स्तूाप में छह देशों से लाए गए भगवान बुद्ध के ढाई हजार वर्ष पुराने अवशेषों को रखा गया है। यहां ध्यान केंद्र का भी निर्माण कराया गया है जहां अलग-अलग पांच समूहों में 60 कमरे बनाए गए हैं। आधुनिक सुविधा से लैस इन कमरों में लोग ध्यान कर सकेंगे।
इधर, राज्य के मुख्यमंत्री नितीश कुमार का मानना है कि पटना प्रारंभ से ही विश्व शांति का संदेश देने वाला क्षेत्र रहा है। इस पार्क के निर्माण से यह क्षेत्र विश्व शांति का प्रचार करेगा। यहां अब 'बुद्धम् शरणम् गच्छामि, धम्मम् शरणम् गच्छामि' के स्वर गुंजेंगे। उन्होंने कहा कि वैशाली में भी ऐसा ही स्तूप बनाने की योजना है।
पर्यटन विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि इस पार्क से पटना में देश और विदेश से पर्यटकों की संख्या में वृद्घि होगी।
उल्लेखनीय है कि तिब्बती धर्म गुरु दलाई लामा ने गुरुवार को पटना में बुद्घ स्मृति पार्क का उद्घाटन किया।
इस मौके पर जापान, श्रीलंका, म्यांमार, थाइलैंड, कोरिया और वर्मा से भगवान बुद्घ के अवशेष भी पार्क में बने स्तूाप में रखे गए।
उद्घाटन के मौके पर श्रीलंका के अनुराधापुरम से लाए गए महाबोधि वृक्ष के पौधे का भी रोपण किया गया। बौद्ध भिक्षुओं का मानना है कि सम्राट अशोक के पुत्र महेंद्र ने उक्त बोधिवृक्ष को श्रीलंका में लगाया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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