मैंगलोर विमान हादसा : केरल में दौड़ी शोक की लहर
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कासरगोड के छोटे से गांव पारेप्पु में कई लोगों का अंतिम संस्कार हुआ। मैंगलोर सीमा से सटे नीलेश्वरम शहर में विमान हादसे में मारे गए लोगों के सम्मान में सोमवार को दुकाने बंद रहेंगी। हादसे में मारे गए लोगों में कन्नूर के 46 वर्षीय अब्दुल समद की कहानी बहुत हृदयविदारक है। वह तीन साल बाद अपनी पत्नी और बच्चों से मिलने आ रहे थे। वह 18 बरसों से दुबई में थे। समद के एक संबंधी ने बताया, "वह पिछले सप्ताह छुट्टियां बिताने आने वाले थे लेकिन किसी कारणवश उन्हें अपनी यात्रा स्थगित करनी पड़ी। जिस समय विमान शोलों से घिरा, उनकी पत्नी और बच्चे उस समय हवाई अड्डे पर मौजूद थे।
आईटी प्रोफेशनल शिबु ने अपनी पत्नी और बच्चों को दुबई में छुट्टियां होने की वजह से भारत रवाना किया था और अब उनके संबंधी शिबू की प्रतीक्षा कर रहे हैं ताकि वह अपनी पत्नी रोशिली और छह तथा नौ बरस के बच्चों का अंतिम संस्कार कर सकें। जहां बहुत से लोग अब तक अपने दुख से उबर नहीं पाए हैं वहीं कुछ ऐसे लोग भी हैं जो उस विमान में सवार न होने के लिए ईश्वर को धन्यवाद दे रहे हैं। सभी राजनीतिक दलों के नेता मैंगलोर तथा पीड़ित परिवारों के सदस्यों से मुलाकात के लिए जा रहे हैं। शनिवार को हुए इस हादसे में 158 लोग मारे गए हैं।













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