मैंगलोर हादसे में शवों की शिनाख्त संभव नहीं
मैंगलोर। हवाई अड्डे पर स्थित रनवे के पास चारों तरफ एयर इंडिया के विमान का मलबा बिखरा पड़ा है। आग अभी भी सुलग रही है। बचाव दल ने आग पर तो काबू पा लिया है, लेकिन सुलगते मलबे में से धुआं अभी भी उठ रहा है। बचाव दल के लिए सबसे बड़ी चुनौती शवों को निकालना है, इससे भी बड़ी चुनौती उन शवों की पहचान है। सच पूछिए तो शवों की पहचान लगभग असंभव है।
हादसे में मारे गए ज्यादातर लोगों के शव इतने क्षत-विक्षत हालत में हैं कि उनकी शिनाख्त संभव नहीं है। विमान का अगला हिस्सा पूरी तरह जल गया है। जो लोग सुबह अपने सगे संबंधियों को एयरपोर्ट पर रिसीव करने आए थे, वो मौके पर बिलख रहे हैं। कोई मां अपने बेटे को तो कोई बहन अपने भाई को, बहुत से लोग अपने दोस्तों को तो कोई पिता अपने पुत्र को मलबे में ढूंढ़ रहा है।
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इस विमान में एक भी विदेशी सवार नहीं था। सभी भारतीय थे। आलम यह है कि लोग मलबे से निकाले जा रहे आधे जले हुए शवों को देख बिलख पड़ रहे हैं। इस गमगीन माहोल में बचाव दल युद्धस्तर पर जुटा हुआ है। वहीं अस्पताल में 7 यात्री जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।
मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक हादसे के वक्त अचानक बहुत ज्यादा धुआं उठा और देखते ही देखते लपटें उठने लगीं। लपटें देखते ही मैंगलोर एयरपोर्ट के लोग राहत कार्य के लिए मौके पर पहुंच गए।












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