गोरखा लीग के नेता मदन तमांग की हत्या
पुलिस के मुताबिक जीजेएम के विरोधी संगठन का नेतृत्व कर रहे तमांग की हत्या कुकरी (नेपालियों द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला लंबा चाकू) मारकर सुबह 9:30 बजे की गई है। दार्जीलिंग थाने के प्रभारी इंद्रजीत थापा ने कहा, "वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे और दार्जिलिंग के जिला अस्पताल में उनकी मौत हो गई।"
राज्य के नगरीय मामलों के मंत्री अशोक भट्टाचार्य ने कोलकाता में कहा कि जीजेएम के समर्थकों ने ही तमांग पर हमला किया है। उन्होंने कहा, "जीजेएम के लोगों ने यह हत्या की है। जीजेएम एक फासीवादी पार्टी है जिसकी पहाड़ी में कोई पहुंच नहीं है। ये लोग पहाड़ी में लोकतांत्रिक माहौल को खत्म करना चाहते हैं।"
दार्जीलिंग जिले के सिलीगुड़ी के निवासी भट्टाचार्य ने कहा, "हम गहरी चिंता में हैं, पहाड़ी इलाके में भारी तनाव है।" तमांग की हत्या की खबर फैलते ही दार्जीलिंग जिले के तीन पहाड़ी इलाकों दार्जीलिंग, कलिमपोंग और कुर्सियोंग में तत्काल बाजार बंद होने शुरू हो गए। दार्जीलिंग में सड़कें, बाजार और दुकाने पूरी तरह बंद हो गई हैं।
तमांग पर हमले की खबर सुनकर मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने राज्य सचिवालय के राइटर्स भवन में एक आपात बैठक बुलाकर पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को स्थिति पर नियंत्रण के निर्देश दिए हैं। तमांग ने जीजेएम के प्रमुख बिमल गुरंग पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। इसके बाद जीजेएम ने उन्हें पहाड़ी में प्रवेश न करने की धमकी दी थी।













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