मुजफ्फरपुर-रक्सौल रेलखंड पर परिचालन शुरू

गुरुवार को हुई इस घटना में टैंकर मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी और इसके 13 डिब्बों में आग लग गई थी। समस्तीपुर रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी जफर आजम ने शुक्रवार को बताया कि इस रेलखंड पर रेलगाड़ियों का परिचालन प्रारंभ कर दिया गया है।

ऐसा नहीं कि नक्सलियों ने बिहार में पहली बार रेलवे को निशाना बनाया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार केवल इस महीने में नक्सलियों ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में रेलवे को छठी बार निशाना बनाया है।

गुरुवार की घटना के पूर्व 19 मई को गया जिले के गुरारू रेलवे स्टेशन के नजदीक पुलिस ने दो बम बरामद किये थे। समय रहते बम बरामद कर लिया गया इस कारण कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। 18 मई को जसीडीह रेलवे स्टेशन के पास नक्सलियों ने एक पुलिया क्षतिग्रस्त कर दी थी।

इसके पूर्व सात मई को कटिहार-बरौनी रेलखंड पर बखरी और कुरसेला रेलवे स्टेशन के बीच नक्सलियों ने रेलवे पटरी उड़ा दी। इस घटना में नार्थ-इस्ट एक्सप्रेस बाल-बाल बच गई थी। इस घटना के एक दिन पूर्व ही छह मई को नक्सलियों ने सोनपुर रेल मंडल के देसरी और चकसिकंदरा रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे पटरी उड़ाई, जिसमें बलिया एक्सप्रेस की चार बोगी पटरी से उतर गई।

इसी तरह पांच मई को हाजीपुर रेल मंडल के कुढ़नी और तुर्की रेलवे स्टेशन के बीच नक्सलियों ने रेल पटरी उड़ा दी थी, जिससे रेलवे को इस रेलखंड पर परिचालन रोकना पड़ा था।

पुलिस कहना है कि नक्सली आसानी से रेलवे को निशाना बनाते हैं। मुजफ्फरपुर राजकीय पुलिस बल के पुलिस अधीक्षक अवधेश शर्मा बताते हैं कि पटरियों की सुरक्षा के लिए सभी स्थानों पर सुरक्षा बल को तैनात करना आसान नहीं है।

शर्मा ने कहा कि रेलवे को नक्सलियों द्वारा निशाना बनाने के पीछे उनका एक मात्र मकसद दहशत फैलाना और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना होता है। उन्होंने कहा ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस प्रयासरत है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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