लैला स्थिर, तटीय अांध्र में मृतकों की संख्या 27 हुई

परिवहन व्यवस्था चरमरा गई है और बिजली तथा संचार सेवाएं बाधित हैं। चक्रवात से सर्वाधिक प्रभावित प्रकाशम और गुंटूर जिलों में भारी बारिश हो रही है, जबकि नेल्लोर और कृष्णा जिलों में भी तेज हवाएं चल रही हैं तथा बारिश हो रही है।

गुंटूर जिले के बपाटला शहर के तट से टकराने के बाद चक्रवात बंगाल की खाड़ी में दोबारा उठा और वह कृष्णा जिले के मछलीपट्टनम के निकट ठहरा हुआ है।

भारतीय मौसम विभान विभाग (आईएमडी) के शुक्रवार सुबह 7.30 बजे जारी एक बुलेटिन में कहा कि इसके कमजोर पड़ने और शुरूआत में पूर्वोत्तर दिशा में उड़ीसा की ओर बढ़ने की संभावना है।

अनुमान है कि आंध्र प्रदेश के उत्तरी तट और तेलंगाना में अगले 24 घंटों के दौरान भारी से बेहद भारी वर्ष हो सकती है। इसी अवधि में आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

यहां 75 से 85 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। अगले 12 घंटों में इनकी गति बढ़कर 95 किलोमीटर प्रतिघंटे तक पहुंचने के आसार हैं।

मौसम विभाग ने और बारिश आने की चेतावनी दी है और प्रशासन ने कहा है कि खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है।

इस बीच चक्रवात के कारण राज्य में मरने वालों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है। विजयवाड़ा में शुक्रवार तड़के एक दीवार ढहने से दो बच्चों सहित एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई।

इस बीच 50 हजार से ज्यादा लोगों ने अभी तक 255 राहत शिविरों में आश्रय ले रखा है।

राजस्व, राहत और पुनर्वास मंत्री डी. प्रसाद राव ने कहा है, "खतरा अभी टला नहीं है। राहत शिविरों में रह रहे तब तक घरों को न लौटे जब तक तूफान की चेतावनी वापस नहीं ले ली जाती।"

भारी बारिश और प्रचंड वेग की हवाओं ने दक्षिणी तटीय क्षेत्र खासतौर पर प्रकाशम जिले में व्यापक कहर बरपाया है। बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की वजह से कम से कम 11 शहरों और सैंकड़ों गांव अंधेरे में डूबे हुए हैं।

यहां 100 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बही हवाओं की वजह से पेड़, बिजली के खंबे और संचार टॉवर उखड़ गए। इसके अलावा आम, केले और बागानों की अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा है।

प्रशासन का कहना है कि नुकसान का सही आकलन बारिश में कमी आने के बाद ही हो सकेगा।

प्रकाशम जिले के ओंगोल और दर्जनों गांव पानी में डूबे हुए हैं और वहां से फंसे हुए लोगों को निकाला जा रहा है।

प्रशासन ने 10 हेलीकॉप्टर तैयार रखे हुए हैं जबकि सशस्त्र बलों ने तीन टुकड़ियों और चार हेलीकॉप्टरों को राहत कार्यो के लिए तैयार रखा है। वायुसेना के 11 विमान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।

पेड़ उखड़ने की वजह से तटीय जिले में दूसरे दिन सड़क यातायात थम गया। 100 से ज्यादा रेलगाड़ियां रद्द कर दी गई हैं और बहुत सी अन्य रेलगाड़ियों के मार्ग में परिवर्तन किया गया है। चेन्नई और विजयवाड़ा के बीच रेल गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

*

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+