गोरखा लीग के प्रमुख तमांग की हत्या, दार्जीलिंग बंद (लीड-1)
पुलिस के मुताबिक जीजेएम के विरोधी संगठन का नेतृत्व कर रहे तमांग की सुबह 9:30 बजे प्लांटर्स क्लब के नजदीक लडेन ला रोड पर कुकरी (नेपालियों द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला लंबा चाकू) और तलवारों से हत्या कर दी गई।
दार्जीलिंग थाने के प्रभारी इंद्रजीत थापा ने आईएएनएस से कहा, "वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे और दार्जिलिंग के जिला अस्पताल में उनकी मौत हो गई।"
एबीजीएल के महासचिव लक्ष्मण प्रधान ने आरोप लगाया कि जीजेएम के 40 समर्थकों की भीड़ ने तमांग और उनके सहयोगियों पर उस समय हमला किया जब वह एक बैठक की तैयारी में व्यस्त थे।
एबीजीएल के 67वें स्थापना दिवस को मनाने के लिए यह बैठक शुक्रवार को ही आयोजित होनी थी।
प्रधान ने कहा, "हमारा स्थापना दिवस 15 मई को होता है लेकिन गड़बड़ी की आशंका के चलते जिला प्रशासन ने हमें उस दिन कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं दी थी। काफी आग्रह के बाद हमें शुक्रवार सुबह को बैठक आयोजित करने की अनुमति दी गई।"
राज्य के नगरीय मामलों के मंत्री अशोक भट्टाचार्य ने कोलकाता में कहा कि जीजेएम के समर्थकों ने ही तमांग पर हमला किया है।
उन्होंने कहा, "जीजेएम के लोगों ने यह हत्या की है। जीजेएम एक फासीवादी पार्टी है जिसकी पहाड़ी में कोई पहुंच नहीं है। ये लोग पहाड़ी में लोकतांत्रिक माहौल को खत्म करना चाहते हैं।"
दार्जीलिंग जिले के सिलीगुड़ी के निवासी भट्टाचार्य ने कहा, "हम गहरी चिंता में हैं, पहाड़ी इलाके में भारी तनाव है।"
उधर, जीजेएम के प्रेस एवं प्रसार सचिव हरका बहादुर क्षेत्री ने आईएएनएस से कहा, "जो हुआ वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हमारे समर्थक ऐसा क्यों करेंगे? हमें पता है कि ऐसा करने से हम लोगों के बीच अपना समर्थन खो देंगे। यह एक बड़ी साजिश है। जो लोग भी इसमें शामिल हैं उन्हें दंडित किया जाना चाहिए।"
तमांग की हत्या की खबर फैलते ही दार्जीलिंग जिले के तीन पहाड़ी इलाकों दार्जीलिंग, कलिमपोंग और कुर्सियांग में तत्काल बाजार बंद होने शुरू हो गए।
दार्जीलिंग में सड़कें, बाजार और दुकाने पूरी तरह बंद हो गई।
तमांग पर हमले की खबर सुनकर मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने राज्य सचिवालय के राइटर्स भवन में एक आपात बैठक बुलाकर पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को स्थिति पर नियंत्रण के निर्देश दिए हैं।
तमांग ने जीजेएम के प्रमुख बिमल गुरंग पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। इसके बाद जीजेएम ने उन्हें पहाड़ी में प्रवेश न करने की धमकी दी थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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