मप्र के पूर्व मंत्री को जेल भेजा गया (लीड-1)
पटेल को शुक्रवार को इंदौर में सीबीआई की विशेष न्यायाधीश शुभ्रा सिंह के समक्ष पेश किया गया और रिमांड की मांग की गई। जिसे न्यायाधीश ने नामंजूर करते हुए उसे तीन जून तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
सीबीआई ने शुक्रवार को खुलासा किया कि दुर्गेश जाट की मौत के बाद शव को ठिकाने लगाने और साक्ष्य मिटाने के मामले में कमल पटेल भी शामिल रहे हैं।
दो साल पहले पांच मार्च 2008 को हरदा जिले से लापता हुए दुर्गेश जाट के मामले में सीबीआई की लखनऊ शाखा के विशेष दल ने गुरुवार को कमल पटेल को गिरफ्तार कर लिया था।
उल्लेखनीय है कि पांच मार्च 2008 को हरदा के देवतालाब इलाके में कांग्रेस नेता राजेंद्र पटेल से कमल पटेल के बेटे सुदीप का विवाद हुआ। इसी विवाद के चलते सुदीप और उसके साथी दुर्गेश जाट ने राजेंद्र पटेल के घर पर हमला बोला। इससे दोनों ओर से गोलीबारी हुई जिसमें दुर्गेश घायल हो गया।
सीबीआई की लखनऊ शाखा के पुलिस अधीक्षक एस. के. खरे ने शुक्रवार को पटेल की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि गोलीबारी के दौरान दुर्गेश घायल हुआ था लेकिन उसे अस्पताल ले जाने के बजाय कमल पटेल के आवास पर ले जाया गया। वहां उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को ठिकाने लगा दिया गया।
उन्होंने बताया कि जिस टवेरा वाहन का प्रयोग राजेंद्र पटेल के घर हमला करने और घायल दुर्गेश को कमल पटेल के घर लाने में किया गया था उसके कलपुर्जे और पर्दे भी बदल दिए गए। इसमें कमल पटेल का सहयोग रहा।
दुर्गेश के लापता होने पर उसके पिता रामविलास ने उच्च न्यायालय में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी जिस पर न्यायालय ने यह मामला सीबीआई के सुपुर्द कर दिया था।
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश आर. के. जोशी की अदालत में पटेल की ओर से दायर जमानत याचिका पर शनिवार को सुनवाई होगी।
पटेल ने अपने आपको निर्दोष बताते हुए कहा कि उन्हें फंसाया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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