'अफजल की याचिका पर अंतिम निर्णय गृह मंत्रालय लेगा'
नई दिल्ली, 21 मई (आईएएनएस)। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने शुक्रवार को कहा कि संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की दया याचिका पर अंतिम निर्णय केंद्रीय गृह मंत्रालय को लेना है।
दीक्षित ने कहा कि दिल्ली सरकार ने इस मामले की फाइल में अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। फाइल को उपराज्यपाल तेजेंदर खन्ना के पास बुधवार को भेज दिया गया है। अपने जवाब में दिल्ली सरकार ने गुरु की फांसी की सजा का विरोध नहीं किया है, लेकिन फांसी दिए जाते समय कानून-व्यवस्था की चिंता जरूर व्यक्त की है।
दीक्षित ने यहां एक समारोह के मौके पर संवाददाताओं से कहा, "हमने अफजल गुरु की दया याचिका उपराज्यपाल के पास भेज दी है। अंतिम निर्णय गृह मंत्रालय को लेना है।"
खन्ना के कार्यालय से मंजूरी के बाद फाइल गृह मंत्रालय को भेजी जाएगी।
नियमानुसार राष्ट्रपति ने गुरु की याचिका पर वर्ष 2005 में गृह मंत्रालय से राय मांगी थी। दया याचिका के मामले में यह भी प्रावधान है कि गृह मंत्रालय उस राज्य सरकार से टिप्पणी मांगे, जिसके अधिकार क्षेत्र में अपराध हुआ हो।
कश्मीर घाटी के सोपोर निवासी गुरु को 13 दिसंबर, 2001 को संसद पर हमले की साजिश रचने के मामले में दोषी पाया गया और एक स्थानीय अदालत ने दिसंबर 2002 में उसे मौत की सजा सुनाई। दिल्ली उच्च न्यायालय ने अक्टूबर 2003 में मौत की सजा की पुष्टि कर दी। उसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने भी गुरु की फांसी की सजा को बहाल रखा।
उसके बाद गुरु की पत्नी तबस्सुम ने राष्ट्रपति के यहां दया याचिका दायर की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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