जड़ जमाए नक्सलियों को उखाड़ने में समय लगेगा : पिल्लै
सरवर काशनी
नई दिल्ली, 21 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह सचिव जी.के.पिल्लै ने कहा है कि जड़ जमाए नक्सलियों के खिलाफ लंबी और गहन लड़ाई में होने वाले नुकसान के लिए सरकार तैयार है। पिल्लै ने कहा कि नक्सलियों पर बातचीत के लिए दबाव बनाने हेतु 150,000 पुलिस कर्मियों की भर्ती की जा रही है।
पिल्लै ने आईएएनएस के साथ बातचीत में कहा, "यह एक लंबी सुरंग है। इससे निपटने में समय लगेगा। इसमें खूनखराबा होगा। आपने नक्सलियों को जड़ जमाने की आजादी दी है। लेकिन हमें इसमें जरा भी संदेह नहीं कि हम उन्हें पराजित करेंगे।"
पिल्लै ने ये बातें ऐसे समय में कही हैं, जब कुछ ही दिनों पहले नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में एक और हमला कर एक बस को उड़ा दिया था। इस हमले में 30 से अधिक नागरिक और विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) मारे गए थे।
इससे करीब 40 दिन पहले नक्सलियों ने छह अप्रैल को उसी इलाके में हमला कर 76 सुरक्षा बलों को मार डाला था।
पिल्लै ने नार्थ ब्लाक स्थित अपने कार्यालय में कहा, "मैं समझता हूं कि छह अप्रैल की घटना नियमों के उल्लंघन व असावधानी का परिणाम थी। हम हर रोज नक्सलियों को पकड़ रहे हैं और गिरफ्तार कर रहे हैं, यद्यपि बड़ी संख्या में गिरफ्तारी नहीं हो रही है। इसी कारण वे प्रतिक्रियास्वरूप हमले कर रहे हैं। वे दबाव महसूस करने लगे हैं और यह स्थिति बनी रहेगी।"
पिल्लै ने कहा कि सरकार नक्सलियों के साथ बातचीत के प्रस्ताव पर बचनबद्ध है और यहां तक कि उनके खिलाफ अभियान भी रोकने को तैयार है, बशर्ते कि वे बातचीत के लिए और जनजातीय समूहों के सामने जिस भी समस्या को वे महसूस कर रहे हों, उसके हल के लिए राजी हो जाएं।
पिल्लै ने कहा, "हिंसा बंद करो। न आपकी तरफ से कोई हिंसा और न हमारी तरफ से कोई अभियान। फिर आइए बातचीत करें। लेकिन वे ऐसा नहीं चाहते।"
ऐसे में सरकार की क्या योजना है, क्योंकि नक्सलियों ने बार-बार बातचीत के प्रस्ताव को ठुकराया है?
पिल्लै ने कहा, "हम लगातार दबाव बनाते रहेंगे। सभी आतंकी संगठन बातचीत के लिए तब आते हैं, जब वे दबाव में होते हैं। आज वे उस दर्जे के दबाव में नहीं हैं। लेकिन वह दिन भी आएगा।"
क्या सरकार की ओर से कोई कमजोरी है? पिल्लै ने कहा 'हां'।
पिल्लै ने कहा, "हमारे पास आदमियों की कमी है। इस कमी को दूर किया जा रहा है। हम 150,000 पुलिस कर्मियों की भर्ती कर रहे हैं। उनमें से 60,000 नियुक्तियां नक्सल प्रभावित इलाकों में होंगी। जब 60,000 पुलिस कर्मी और आ जाएंगे तो प्रत्येक पुलिस थाने में 30-40 पुलिस कर्मी हो जाएंगे। आज की तारीख में एक पुलिस थाने में तीन-चार पुलिस कर्मी ही हैं। यह एक धीमी, मगर सतत प्रक्रिया है।"
पिल्लै ने आगे कहा, "लेकिन दो वर्षो के भीतर हम नक्सलियों पर लगाम लगा लेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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