दंतेवाड़ा में नक्सली हमला ज्यादा घातक हो सकता था : पिल्लै
सरवर काशनी
नई दिल्ली, 21 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह सचिव जी.के.पिल्लै ने कहा कि छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में सप्ताह के प्रारंभ में नक्सलियों द्वारा किया गया हमला ज्यादा घातक हो सकता था, बशर्ते कि नक्सली बारूदी सुरंग में विस्फोट कुछ सेकेंड बाद किए होते। क्योंकि सुरक्षाकर्मियों से भरे दो और वाहन हमले की शिकार हुई बस के पीछे आ रहे थे।
पिल्लै ने कहा कि उन्हें इस बात में कोई संदेह नहीं कि नक्सलियों से उस समय एक चूक हो गई, जब उन्होंने बस के ऊपर कुछ एसपीओ को देखा और बारूदी सुरंग में विस्फोट कर दिया, जिसमें नागरिकों सहित 30 से अधिक लोग मारे गए।
पिल्लै ने आईएएनएस से कहा, "मुझे इस बात में जरा भी संदेह नहीं है कि नक्सलियों से एक बड़ी चूक हुई है। इस बस के पीछे एक ट्रक थी, जिसमें एसपीओ सवार थे और उसके पीछे एक बलेरो (एसयूवी) भी थी, जिसमें एसपीओ सवार थे। उन्होंने नागरिकों से भरी बस पर हमला करने की भूल इसलिए की, क्योंकि उन्हें उसमें कुछ एसपीओ दिखाई दिए। लेकिन वे नागरिकों को भूल गए।"
पिल्लै ने कहा कि यदि उन्होंने बस को जाने की अनुमति दे दी होती तो मृतकों की संख्या अधिक हो सकती थी, क्योंकि उसके बाद उनके पास उड़ाने के लिए ट्रक होती। लेकिन उन्होंने पहले ही वाहन को देखा और वे गलती कर बैठे।
यह पूछे जाने पर कि हथियार बंद एसपीओ को नागरिक बस के इस्तेमाल की अनुमति कैसे दी गई, इस पर पिल्लै ने कहा, "सामान्यतौर पर वे अपनी खुद की बसों में ही यात्रा करते हैं। लेकिन इस मामले में उन्हें ले जाने के लिए पर्याप्त सरकारी वाहन उपलब्ध नहीं थे।"
ज्ञात हो कि एसपीओ नियमित पुलिसकर्मी नहीं हैं, बल्कि पुलिस और अर्धसैनिक बलों को नक्सल विरोधी अभियान में मदद के लिए उन्हें स्थानीय स्तर पर नियुक्त किया गया है।
पिल्लै ने कहा कि हमले की जांच के लिए कोई विशेष जांच का आदेश नहीं दिया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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