शिक्षा अब केवल व्यवसाय है : सर्वोच्च न्यायालय
न्यायमूर्ति जी. एस. सिंघवी की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की अवकाशकालीन खंडपीठ ने कहा कि शिक्षा के व्यवसायीकरण के बढ़ने का अंदाजा इसी तथ्य से लगाया जा सकता है कि एक साल के भीतर महाराष्ट्र में बीएड के 464 कॉलेज और हरियाणा में 25 इंजीनियरिंग कॉलेज खुले। इस पीठ के दूसरे न्यायमूर्ति सी. के. प्रसाद रहे।
न्यायमूर्ति सिंघवी ने कहा, "शिक्षा व्यवसाय बन चुकी है। हमारी पीढ़ी इस मानसिकता को नहीं बदल सकती। शिक्षा व्यवसाय से अधिक कुछ है।"
न्यायालय ने कहा कि इन संस्थानों के पास मूलभूत ढांचा तक नहीं है।
न्यायालय ने यह फैसला आयुर्वेदिक कॉलेजों के प्रबंधन संघ की उस याचिका पर सुनाया जिसमें अपील की गई थी कि उनके छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति प्रदान की जाए।
संघ ने अपील की है कि जिन छात्रों ने अपनी कक्षाएं डेढ़ साल तक की हैं उन्हें आने वाली छमाही परीक्षाओं में बैठने की अनुमति प्रदान की जाए।
इस पर न्यायमूर्ति सी. के. प्रसाद ने कहा कि छात्र जानते हैं कि उन्होंने ऐसे पाठ्यक्रमों में प्रवेश लिया है जिन्हें सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन (सीसीआईएम) से मंजूरी नहीं है।
न्यायमूर्ति प्रसाद ने कहा, "हम पाठ्यक्रम के अध्ययन पर समझौता नहीं कर सकते और कोई भी पाठ्यक्रम पूरा किए बिना परीक्षा में नहीं बैठ सकता।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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