नक्सली बंद : व्यापक असर, विस्फोट में 4 जवान शहीद (राउंडअप)
मिदनापुर जिले के लालगढ़ क्षेत्र में बुधवार को गश्त लगा रहे केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों के एक वाहन के बारूदी सुरंग की चपेट में आने से हुए विस्फोट में चार जवान शहीद हो गए और दो घायल हो गए। पिंगबोनी और रामगढ़ के बीच यह घटना हुई।
पश्चिमी क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक जुल्फिकार हसन ने विस्फोट की पुष्टि करते हुए आईएएनएस से बातचीत में कहा, "चार जवानों की मौके पर ही मौत हो गई। दो घायल भी हुए हैं। घायलों को पश्चिमी मिदनापुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।"
सुरक्षा बल घने जंगलों में गश्त लगा रहा थे, उसी दौरान यह विस्फोट हुआ। विस्फोट इतना जोरदार था कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और सड़क पर लगभग पांच फुट गहरा गड्ढा हो गया।
नक्सलियों ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के झारग्राम और गिधनी रेल स्टेशनों के बीच विस्फोट से पटरी को उड़ा दिया। इस घटना में एक मालगाड़ी का चालक और उसका सहायक घायल हो गया।
नक्सलियों के बंद के दूसरे दिन झारखण्ड में बसें नहीं चलीं, खनन गतिविधियां ठप्प रहीं और रेल सेवाएं प्रभावित हुईं।
पुलिस के अनुसार बंद का सर्वाधिक असर ग्रामीण इलाकों में हुआ। इन क्षेत्रों में सड़कें सूनी हैं, दुकानें बंद हैं और अधिकांश स्कूलों में उपस्थिति बहुत कम है। हजारों बसें और ट्रक सड़कों के किनारे खड़े रहे।
ट्रक और बस एसोसिएशन के अनुसार नक्सली हड़ताल के कारण झारखण्ड में दो दिनों में 60-70 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
पुलिस ने कहा कि नक्सलियों ने सिमडेगा जिले में एक ट्रक चालक को गोली मार दी। उसे एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।
खनन गतिविधियों के साथ ही कोयले, लौह अयस्क और बाक्साइट का परिवहन भी प्रभावित हुआ। राज्य के गिरीडीह, लातेहार,पलामू और सिमडेगा जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए।
नक्सलियों के बंद के दौरान बिहार में अब तक किसी बड़ी घटना की सूचना नहीं है। नक्सलियों ने मंगलवार की देर रात कुछ छिटपुट घटनाओं को अवश्य अंजाम दिया। बंद का सबसे अधिक प्रभाव यातायात पर पड़ा।
बंद का सबसे अधिक प्रभाव औरंगाबाद, गया, रोहतास, जमुई, अरवल तथा जहानाबाद जिलों में देखा गया। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश दुकानें बंद रहीं। कई इलाकों में बंद का असर सरकारी दफ्तरों में भी देखा गया। रेलवे ने पलामू एक्सप्रेस सहित छह से ज्यादा रेलगाड़ियों को रद्द कर दिया और कई के मार्ग में बदलाव किया।
राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक पी़ क़े ठाकुर ने बुधवार को बताया कि बंद के दौरान कहीं से अभी तक बड़ी घटना की सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि गया-मुगलसराय रेल खंड में पटरी पर बम मिलने के बाद रेल लाइनों तथा सड़क मागरें पर पुलिस गश्त बढ़ा दी गई। कुछ रेल मागरें पर पायलट इंजन से पटरियों की जांच की जा रही है।
गया-मुगलसराय रेलखंड पर इस्माइलपुर और गुरारू रेलवे स्टेशन के बीच बुधवार को सुबह सुरक्षा बलों ने दो बम बरामद किए। इससे पहले नक्सलियों की धमकी के बाद इस क्षेत्र में रेलगाड़ियों का आवागमन रोक दिया गया था।
पुलिस के अनुसार मंगलवार देर रात गया जिले के गुरारू और इस्माइलपुर रेलवे स्टेशन के बीच गुमटी नंबर 13 पर नक्सलियों के धावा बोला और गुमटी पर तैनात रेलकर्मी को रेलगाड़ियों का परिचालन बंद करने की चेतावनी दी। इसके बाद सुरक्षा के दृष्टिकोण से रेलों का परिचालन रोक दिया गया।
बुधवार की सुबह पुलिस ने रेल पटरियों के निरीक्षण के दौरान दो बम बरामद किए। गया के राजकीय रेलवे पुलिस पुलिस उपाधीक्षक विजय कुमार ने बताया कि सुरक्षा बलों ने पोल संख्या 12 के नजदीक से दो शक्तिशाली बम बरामद किए। उनको निष्क्रिय कर दिया गया।
इस रेलखंड पर सुबह पांच बजे से रेलगाड़ियों का परिचालन प्रारंभ कर दिया गया। परिचालन रोक दिए जाने से दो राजधानी एक्सप्रेस सहित छह रेलगाड़ियों को विभिन्न स्टेशनों पर रोक दिया गया था।
नक्सलियों ने मंगलवार की रात औरंगाबाद जिले के जोगिया थाना क्षेत्र में दो ट्रैक्टरों को आग के हवाले कर दिया था।
नक्सलियों ने ऑपरेशन ग्रीन हंट और पश्चिम बंगाल में नक्सली नेता सोमा मार्डी की गिरफ्तारी के विरोध में पांच राज्यों- बिहार, झारखण्ड, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल में बंद का आह्वान किया था।
नक्सलियों का कहना है कि पुलिस ने सोमा मार्डी को गिरफ्तार किया है और उनको न्यायालय में पेश नहीं कर रही है। नक्सलियों का दो दिवसीय बंद बुधवार को समाप्त हो रहा है।
नक्सलियों ने उड़ीसा के मलकानगिरी जिले में एक सरकारी गोदाम को विस्फोट से उड़ा दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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