दिल्ली सरकार ने अफजल की फाइल उपराज्यपाल को लौटाई (लीड-1)
एक आधिकारिक सूत्र ने बताया, "उपराज्यपाल द्वारा मांगे गए स्पष्टीकरण पर जवाब के साथ अफजल की फाइल उनके कार्यालय को लौटा दी गई।"
सरकार ने अफजल को फांसी दिए जाने का विरोध नहीं किया है लेकिन उसकी सजा-ए मौत के मद्देनजर कानून एवं व्यवस्था के बारे में चिंता व्यक्त की है।
दिल्ली सरकार ने गृहमंत्रालय द्वारा 16 बार याद कराए जाने के बावजूद करीब चार साल तक यह फाइल अपने पास रोके रखी थी। उसके आखिरी पत्र के जवाब में दिल्ली सरकार ने कहा था कि याचिका पर सक्रियता से विचार हो रहा है।
अफजल की फाइल मंगलवार को उपराज्यपाल के पास भेजी गई थी। लेकिन खन्ना ने चंद मिनट बाद ही कुछ स्पष्टीकरणों की मांग करते हुए यह फाइल लौटा दी थी।
कश्मीर घाटी के सोपोर का निवासी अफजल को भारतीय संसद पर हमले का दोषी ठहराया गया था। निचली अदालत ने उसे दिसम्बर 2002 में मृत्युदंड सुनाया था। दिल्ली उच्च न्यायालय ने अक्टूबर 2003 में उसे सुनाए गए मृत्युदंड की पुष्टि की थी।
वर्ष 2005 में सर्वोच्च न्यायालय ने इस हमले में अफजल की भूमिका स्वीकार करते हुए उसका मृत्युदंड बरकरार रखा था। अफजल की पत्नी तबस्सुम ने सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद रहम की याचिका दाखिल की थी।
प्रक्रिया के मुताबिक राष्ट्रपति ने 2005 में रहम याचिका पर गृहमंत्रायल की राय मांगी थी।
रहम की याचिका की प्रक्रिया के तहत गृहमंत्रालय को उस राज्य की भी टिप्पणी की जरूरत होती है, जिसके अधिकार क्षेत्र में उस अपराध को अंजाम दिया गया होता है, जिसकी वजह से दोषी को मृत्युदंड सुनाया जाता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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