आतंकवाद का घिनौना रूप है नक्सलवाद : रमन सिंह
रमन सिंह ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा, "नक्सलवाद भारत में आतंकवाद का सबसे घिनौना स्वरूप है। पिछले 10 वर्षो में नक्सली हिंसा में एक हजार नागरिकों की मौत हो चुकी है।"
सिंह ने कहा कि नागरिकों को मारना, सार्वजनिक परिवहन साधनों को निशाना बनाना, स्कूल बसों को निशाना बनाना, 'जन अदालतों' के माध्यम से लोगों को सजा देना और उन्हें मारना-पीटना एक तरह का आतंकवाद ही है।
बकौल सिंह, "आपकी समझ से ये सब घटनाएं क्या हैं। क्या यह आतंकवाद नहीं है। नक्सली क्या आतंक नहीं फैला रहे हैं। लोग नक्सलियों के साथ नहीं हैं और यही कारण है कि दो दिन पहले एक यात्री बस को निशाना बनाया गया। उन्हें पसंद नहीं कि लोग सरकार के साथ हैं।"
रमन सिंह बुधवार को राजधानी पहुंचे। दिन के दूसरे पहर में उनका प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलने का कार्यक्रम है। सिंह ने हालांकि यह भी कहा कि नक्सली समस्या से रातों-रात नहीं निपटा जा सकता, इसके लिए दीर्घकालीन रणनीति बनानी होगी और साथ ही लंबे समय तक चलने वाली लड़ाई के लिए भी तैयार रहना होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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