भारत-पाकिस्तान के बीच व्यापार बढ़े : प्रणव
भारत-पाक व्यापार बैठक को संबोधित करते हुए मुखर्जी ने कहा, "आर्थिक रूप से ज्यादा जुड़ाव रखने वाले और तेजी से विकास करने वाले क्षेत्र शांति की संभावना को बढ़ा देते हैं। व्यापारिक संबंधों में वृद्धि विवादों की आशंका को कम करके शांति के लिए सुलभ माहौल तैयार करता है।"
यह बैठक भारतीय उद्योग परिसंघ, भारत-पाकिस्तान सीईओ व्यापारिक संघ और मीडिया समूह टाइम्स ऑफ इंडिया व पाकिस्तान के जंग समूह ने संयुक्त रूप से आयोजित की थी।
बैठक में पाकिस्तान के कपड़ा, कृषि और आईटी क्षेत्र के लोगों के एक शिष्टमंडल ने भी भाग लिया।
दोनों देशों के कुल व्यापार में भारत-पाकिस्तान के बीच व्यापार का हिस्सा बहुत कम है। इसमें भी ज्यादातर व्यापार किसी तीसरे देश के जरिए ही किया जाता है।
मुखर्जी ने दोनों देशों के बीच वस्तुओं के आयात-निर्यात बढ़ाने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा, "भौगोलिक निकटता के चलते यहां सस्ते परिवहन की विशाल संभावनाएं हैं। निकटता के चलते कंपनियों को कच्चे माल का भारी-भरकम संग्रह करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी इससे उनकी लागत कम होगी।"
वर्ष 2000-01 के 25 करोड़ डॉलर की तुलना ने 2007-08 में भारत-पाकिस्तान के बीच व्यापार 2.3 अरब डॉलर तक बढ़ा था लेकिन 2008-09 में यह घटकर 1.8 अरब डॉलर रह गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications