न्यायपालिका की खामियों पर कपाड़िया ने कड़े तेवर दिखाये
नई दिल्ली। देश के मुख्य न्यायाधीश का पद संभालते ही सरोश होमी कपाड़िया ने न्यायपालिका की खामियों को दूर करने के लिए कड़े तेवर अपनाने शुरू कर दिये। एसएच कपाड़िया ने बुधवार को कहा कि वह महत्वहीन मुकदमों को जल्द से जल्द निबटाना चाहते हैं। इसके लिए वह इन मुकदमों से प्राथमिकता के आधार पर निपटेंगे।
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अदालत संख्या-1 में आसीन हुए प्रधान न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि महत्वहीन मुकदमों को अदालत का समय बर्बाद करने के लिए कीमत चुकानी पड़ सकती है। कपाड़िया ने एक याचिका को खारिज करते हुए इस तरह का स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने वकील से कहा कि इस तरह की याचिका को कीमत चुकानी पड़ सकती है। एक अन्य मामले में कपाड़िया ने वकील से कहा कि वह अदालत में किसी मौखिक मामले पर विचार नहीं करेंगे।
कपाड़िया का कहना है कि यदि किसी आवश्यक मामले को पेश किया जाना है तो उसके लिए मौखिक सुनवाई से अच्छा तरीका ये है कि उस मामले के वकील उल्लेख अनुभाग से संपर्क करें। " ऐसे मामलों की सुनवाई हम अपने चैंबर में करके आदेश पारित पारित कर स कते हैं "













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