मायावती ने केंद्र सरकार को फिर दोषी ठहराया
प्रदेश की दुर्दशा के लिए उन्होने केंद्र सरकार को दोषी ठहराया। मायावती ने हर बार की तरह जनता के सामने दुखड़ा रोया कि वित्तीय कोष की कमी के कारण वह बेहद मजबूर हैं। उन्होने कहा कि केंद्र सरकार का प्रदेश के साथ सौतेला बर्ताव जारी है। प्रदेश के विकास के लिए उन्होने 80,000 करोड़ रुपये के पैकेज की मांग की थी जिस पर केंद्र सरकार ने कान धरना भी जरूरी नहीं समझा।
लखनऊ में आयोजित इस सम्मेलन में मायावती ने कहा कि उनकी सरकार केंद्र से की मांग लंबे समय से करती रही है लेकिन अब तक एक फूटी कौड़ी भी प्रदेश को नहीं मिली है। उन्होंने कहा, "केंद्र की संपग्र सरकार प्रदेश की जनता और राज्य सरकार के खिलाफ सौतेला व्यवहार कर रही है। इन तीन वर्षो के दौरान उसका रवैया पक्षपातपूर्ण रहा है।"
अपनी सरकार की बीते तीन साल की उपलब्धियों का बखान करते हुए मायावती ने कहा कि राज्य में बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सभी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं और आगे भी ये जारी रहेंगे। राज्य में कानून एवं व्यवस्था पर उन्होंने कहा, "जब हम सत्ता में आए थे तो राज्य में जंगल राज कायम था। परंतु हमने इन तीन वर्षो के दौरान कानून-व्यवस्था में भारी सुधार किया है।"













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