मंत्रिमंडल ने ई-वीजा, आव्रजन परियोजना को मंजूरी दी (लीड-1)
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि राष्ट्रीय ई-प्रशासन योजना (एनईजीपी) के तहत गृह मंत्रालय की 1,011 करोड़ रुपये की योजना का प्रमुख उद्देश्य सुरक्षा को मजबूत करते हुए वैध यात्रियों की सेवा के लिए एक सुरक्षित और एकीकृत ढांचे का विकास करना है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति की बैठक में परियोजना को मंजूरी दी गई।
परियोजना की पहुंच 169 दूतावासों, 78 आव्रजन जांच चौकियों, राज्यों के विदेशी पंजीकरण के क्षेत्रीय कार्यालयों और पूरे देश के जिला मुख्यालयों तक होगी। परियोजना को सितंबर 2014 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि भारत आने वाले समय में एक बड़ा पर्यटन गंतव्य बनने वाला है और सभी संबंधित एजेंसियों के बीच विदेशियों की निगरानी के लिए एकीकृत सेवा ढांचे की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि इसके विस्तार से देश में आने के लिए वीजा हासिल करने की प्रक्रिया और सुविधाजनक होगी।
बयान के अनुसार अप्रैल 2010 से जून 2011 के बीच परियोजना पर 132 करोड़ रुपये की राशि व्यय की जाएगी। शेष 879 करोड़ रुपये जुलाई 2011 से सितंबर 2014 के बीच व्यय होंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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