राज्यपाल ने सोरेन से कहा, न करें अधिकारियों के तबादले
फारूक ने बुधवार को मुख्य सचिव ए.के. सिंह को बुलाकर उनसे यह बात कही। इसके बाद सिंह ने मुख्यमंत्री कार्यालय को एक पत्र लिखकर राज्यपाल की नाराजगी से उन्हें अवगत करा दिया है।
राज्य सरकार ने पिछले 15 दिनों में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के आठ और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के छह अधिकारियों का तबादला किया है।
सोरेन ने मंगलवार को पूर्व मुख्य सचिव ए.के. बसु को मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त करने का फैसला लिया था। सोरेन के इस निर्णय का काफी विरोध हुआ और लोगों ने राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग की थी। बसु पर मुख्य सचिव के कार्यकाल के दौरान कथित धोखाधड़ी के कई आरोप लगे थे।
गौरतलब है कि लोकसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा लाए गए कटौती प्रस्ताव के विरोध में सोरेन ने वोट दिया था जिसके बाद से राज्य में राजनीतिक संकट पैदा हो गया है। इसके बाद गठबंधन सरकार की सहयोगी भाजपा ने सत्तारूढ़ झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) से समर्थन वापस लेने की घोषणा की।
राज्यपाल की इस सलाह पर झामुमो ने बुधवार को कड़ी प्रतिक्रिया दी।
झारखण्ड के कृषि मंत्री मथुरा महतो ने पत्रकारों से कहा, "शिबू सोरेन सरकार बहुमत में है और राज्यपाल की ओर से इस तरह की सलाह दिया जाना अच्छा नहीं है। तबादले और नियुक्तियां सदन में बहुमत प्राप्त सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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