हेडली तक पहुंच का मामला केवल लेन-देन का नहीं : रोमर
रोमर ने कहा, "हेडली तक पहुंच का मामला केवल लेन-देन का नहीं है। दोनों देशों की सरकारों को खास तकनीकी बिंदुओं को स्पष्ट करना है और उसके बाद प्रत्यक्ष पहुंच की अनुमति दी जा सकती है।"
रोमर यहां 13 फरवरी को जर्मन बेकरी के पास हुए बम विस्फोट में मारे गए 17 व्यक्तियों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। यहां रोमर से पूछा गया कि आखिर कब तक भारत को हेडली तक पहुंच बनाने की अनुमति दी जा सकती है।
पाकिस्तानी मूल का संदिग्ध आतंकी हेडली शिकागों की जेल में कैद है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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