गुटबाजी के कारण लटक सकता है झारखण्ड मुख्यमंत्री पर फैसला (लीड-1)
रांची, 11 मई (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक नेता ने मंगलवार को कहा कि पार्टी की झारखण्ड इकाई में व्याप्त गुटबाजी के कारण नए मुख्यमंत्री के चयन का मामले में देरी हो सकती है।
भाजपा नेता ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर आईएएनएस से कहा, "पार्टी राज्य में बुरी तरह गुटबाजी का सामना कर रही है। मुख्यमंत्री के कई दावेदार है। वास्तव में ऐसे में मुख्यमंत्री के बारे में निर्णय ले पाना काफी कठिन है।"
नेता ने कहा, "हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी अंतिम निर्णय लेंगे। लेकिन यहां तक कि केंद्रीय नेताओं की भी अपनी-अपनी पसंद है।"
मुख्यमंत्री पद के दो प्रबल दावेदार अर्जुन मुंडा और राज्य इकाई के अध्यक्ष रघुबर दास पद पाने के लिए पार्टी में गहरी लाबिंग कर रहे हैं।
पार्टी अध्यक्ष द्वारा नियुक्त दो पर्यवेक्षकों राजनाथ सिंह और अनंत कुमार ने स्थिति का आकलन करने के लिए राज्य कार्यालय में यहां पार्टी के विधायकों से मुलाकात की और सरकार गठन और मुख्यमंत्री की उनकी पसंद को लेकर उनकी राय सुनी। दोनों ने मीडिया कर्मियों से कोई बातचीत नहीं की।
उधर, झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने अगले साढ़े चार वर्षो तक सरकार का नेतृत्व खुद करने की भाजपा की घोषणा पर नाखुशी जाहिर की है।
झामुमो विधायक दल के नेता हेमंत सोरेन ने सोमवार देर रात संवाददाताओं को बताया, "भाजपा और झामुमो राज्य में 28-28 महीने तक सत्ता में भागीदारी पर सहमत हुए थे। अब यह भाजपा को फैसला करना है कि वह राज्य में स्थिर सरकार चाहती है या नहीं।"
पार्टी विधायक दल की बैठक के बाद सोरेन ने कहा, "झामुमो राज्य में स्थिर सरकार चाहती है और इसीलिए भाजपा का समर्थन करने का फैसला किया है। अब यह भाजपा को तय करना है कि वह राज्य में कैसे स्थिर सरकार देगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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