सर्वदलीय दल मणिपुर का दौरा करे : संगमा
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और नागा संगठनों ने इबोबी सिंह के नेतृत्व वाली सेक्युलर प्रोग्रेसिव फ्रंट सरकार को बर्खास्त करने की मांग की है। इन दलों ने नागा अलगाववादी नेता टी.मुइवा को उत्तरी मणिपुर के उखरुल जिले में स्थित उनके पैतृक गांव सोमडाल का दौरा न करने देने का आरोप लगाया है।
संगमा ने आईएएनएस से कहा, "जमीनी हकीकत का पता लगाने के लिए एक सर्वदलीय दल को मणिपुर का दौरा करना चाहिए और उसे अपना निष्कर्ष केंद्र सरकार को सौंपना चाहिए ताकि आगे की कार्रवाई की जाए।"
उल्लेखनीय है कि 6 मई को मणिपुर में पुलिस और टी. मुइवा के समर्थकों के बीच संघर्ष में कम से कम 70 लोग घायल हो गए थे। इसके बाद मुइवा ने मणिपुर में अपने जन्मस्थान पर जाने के कार्यक्रम को स्थगित कर दिया। घायलों में ज्यादातर नागा जनजातीय महिलाएं थीं। ये समर्थक मुइवा के स्वागत में एकत्र हुए थे।
नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड (एनएससीएन)के महासचिव मुइवा के स्वागत के लिए मणिपुर और नागालैंड की सीमा के नजदीक माओ शहर में 5,000 से अधिक प्रदर्शनकारी एकत्र हुए थे।
इस घटना के बाद मुइवा ने माओ से करीब 220 किलोमीटर दूर स्थित उखरूल जिले में अपने जन्मस्थान पर जाने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया था।
मुइवा (75) मणिपुर के तांगखुल नागा हैं। उनका जन्म उखरूल जिले के सोमदाल जिले में हुआ था। यहां की उनकी पिछली यात्रा 1960 में हुई थी।
मणिपुर सरकार ने मुइवा के गृहनगर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। सरकार का कहना है कि उनकी यात्रा से यहां अशांति फैल सकती है। मणिपुर सीमा में उनको घुसने से रोकने के लिए राज्य सरकार ने सुरक्षा बलों की तैनाती कर रखी है। वहीं केंद्र सरकार उनकी इस यात्रा को मंजूरी दे चुकी है।
राज्य सरकार के इस निर्णय के विरुद्ध गुरुवार को नागा समुदाय से संबंध रखने वाले छह निर्दलीय विधायकों ने मणिपुर विधानसभा से अपना इस्तीफा दे दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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