अमेरिका में पाकिस्तानियों के सामने पहचान का संकट
वाशिंगटन, 9 मई (आईएएनएस)। न्यूयार्क में विफल बम हमले की साजिश में पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी नागरिक फैसल शहजाद की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तानी नागरिक पहचान के संकट के दौर से गुजर रहे हैं। कई लोग अपने पाकिस्तानी मूल के होने के कारण खासे भयभीत हैं।
न्यूयार्क में 9/11 के हमले के बाद अमेरिका में मुसलमानों के खिलाफ नाराजगी का माहौल पैदा हुआ था और पगड़ी पहनने वाले कई लोगों पर हमले हुए। कई सिख भी इसके शिकार हुए।
अमेरिका में करीब-करीब हर आतंकवादी हमले के पीछे पाकिस्तानी हाथ पाए जाने के बावजूद पाकिस्तान के प्रति लोगों का रुख कठोर नहीं है। यहां तक कि विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने भी अमेरिका और अन्य देशों पर आतंकवादी हमलों में पाकिस्तानी लोगों के हाथ पाए जाने पर पाकिस्तान को गंभीर परिणामों की धमकी दी है।
मुंबई बम हमले में पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी नागरिक डेविड कोलमैन हेडली और पाकिस्तानी मूल के कनाडा के नागरिक तहव्वुर हुसैन राणा का संबंध उजागर होने के बाद अमेरिकी लोगों अपने देश में पनप रहे आतंकवादी संबंधों का अहसास हुआ। पंरतु शहजाद के मामले से उनको चोट पहुंची है।
कुछ सप्ताह पहले ही अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता पी.जे. क्राउली ने पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी लोगों को भारतीय मूल के अमेरिकी लोगों की तरह बनने और इस्लामाबाद तथा वाशिंगटन के बीच संबंधों को बेहतर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने को कहा था।
एक पाकिस्तानी पत्रकार ने आईएएनएस से कहा कि शहजाद का मामला सामने आने के बाद से कुछ पाकिस्तानियों ने इस सलाह को वास्तव में गंभीरता से लेना शुरू किया है। कुछ पाकिस्तानियों ने तो खुद को भारतीय बताना शुरू कर दिया है।
अपनी पहचान उजागर करने के अनिच्छुक पत्रकार ने कहा कि कई पाकिस्तानी नौकरी हासिल करने के लिए खुद को भारतीय बताने का इरादा कर रहे हैं।
वाशिंगटन के पाकिस्तानी मानवाधिकार कार्यकर्ता मुहम्मद हम्जा ने कहा, "मैंने व्यक्तिगत रूप से किसी पाकिस्तानी को खुद को भारतीय बताते नहीं सुना। परंतु इस मामले का बहुत अधिक प्रभाव होगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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