सुधा पाठक पैरोल पर रिहा (लीड-1)

निरुपमा की हत्या के आरोप में तीन मई को सुधा को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। निरुपमा के परिजनों के अनुसार हिंदू रीति रिवाज से दिवंगत पत्रकार का क्रियाकर्म और श्रार्धकर्म अगले तीन दिनों तक चलेगा।

कोडरमा जिले के तिलैया पुलिस स्टेशन में शनिवार को प्रियभांशु रंजन के खिलाफ धोखाधड़ी, बलात्कार और आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया था। उनके दोस्तों और सहकर्मियों से भी दिल्ली में पूछताछ की गई थी।

निरुपमा दिल्ली स्थित एक समाचार पत्र में पत्रकार थीं। प्रियभांशु भी पत्रकार हैं। निरुपमा 19 अप्रैल को कोडरमा स्थित घर आई थीं और उन्हें 28 अप्रैल को दिल्ली लौटना था लेकिन उनका आरक्षित टिकट रद्द करा दिया गया और वह 29 अप्रैल को घर में मृत पाई गई।

पुलिस के अनुसार 19 से 28 अप्रैल के बीच निरुपमा ने प्रियभांशु को 33 एसएमएस भेजे थे। कथित तौर पर प्रियभांशु ने सभी एसएमएस मिटा दिए हैं।

दिल्ली में पुलिस पूछताछ के दौरान प्रियभांशु ने कहा कि उन्हें केवल एक एसएमएस मिला था। उन्होंने निरूपमा के कोडरमा जाने के बाद कथित तौर पर उनके दिल्ली स्थित कमरे से लैपटॉप और डायरियां उठा ली थीं। दोनों ही भारतीय जनसंचार संस्थान के पूर्व सहपाठी हैं।

झारखण्ड के पुलिस महानिदेशक नेयाज अहमद ने कोडरमा पुलिस से दो से तीन दिनों में जांच रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार जिन तीन चिकित्सकों ने निरुपमा के शव का पोस्टमार्टम किया था, उन्होंने उसकी मौत के समय का उल्लेख नहीं किया। इसके अलावा उन्होंने विसरा और भ्रूण का भी संरक्षण नहीं किया। रिपोर्ट में इस बात का भी उल्लेख नहीं है कि शरीर पर किसी चोट का निशान था या नहीं।

पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक के.पी.सिह ने गुरुवार को कहा था कि इस कार्य में उन्हें योग्यता हासिल नहीं है और उन्होंने पहली बार पोस्टमार्टम किया था।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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