'नक्सली नहीं, प्रक्रियागत बाधाएं हैं सड़क निर्माण में देरी का कारण'
नई दिल्ली, 5 मई (आईएएनएस)। मध्य भारत के नक्सल प्रभावित इलाकों में सड़क निर्माण में देरी का कारण नक्सली नहीं हैं, बल्कि प्रक्रियागत बाधाओं की वजह से इसमें देरी हो रही है। यहां कि एक परियोजना पर काम कर रहे सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल एम. सी. भदानी ने बुधवार को यह बात कही।
उन्होंने कहा, "बेशक यह इलाके नक्सल समस्या से ग्रस्त हैं, वे (माओवादी) हमारी मशीनों को कई बार जला चुके हैं, लेकिन समस्या यह नहीं है। हमें स्थानीय लोगों का काफी समर्थन प्राप्त है। असल समस्या प्रक्रियागत देरी जैसे वन विभाग और भूमि अधिग्रहण में देरी की है।"
वह सैनिक नियंत्रण वाले इस संगठन की स्वर्ण जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह में बोल रहे थे।
परियोजना का कार्य राज्य सरकार को हस्तांतरित करने की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि हस्तांतरित करने से पहले वह कुछ अधूरे कामों को पूर्ण करेंगे। उन्होंने कहा कि वे इस मामले को राज्य सरकार के सामने ला रहे हैं।
छत्तीसगढ़ की भारतीय जनता पार्टी सरकार के द्वारा धीमी गति से चल रहे सड़क निर्माण कार्य की आलोचना करने की खबरों के बाद बीआरओ प्रमुख ने यह बयान दिया।
बीआरओ की स्थापना 1960 में देश के सीमा क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण और रख-रखाव के लिए की गई थी। इस संगठन ने उत्तर और उत्तर-पूर्वी भारत के कई राज्यों जैसे जम्मू एवं कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश, असम और सिक्किम के आर्थिक विकास में बड़ी भूमिका निभाई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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