असंसदीय टिप्पणी की भेंट चढ़ी संसद की कार्यवाही (राउंडअप)

राज्यसभा में मनोनीत उम्मीदवार मणिशंकर अय्यर द्वारा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं को 'फासीवादी' कहे जाने पर बुधवार को भी हंगामा हुआ।

उधर, लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय द्वारा मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के बासुदेव आचार्य के खिलाफ की गई असंसदीय टिप्पणी का मामला शांत होने के बाद भाजपा के अनंत कुमार ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी कर दी। इसके बाद सदन की कार्यवाही तीसरी और चौथी बार स्थगित करनी पड़ी।

लोकसभा में भोजनकाल के बाद जाति आधारित जनगणना पर हो रही चर्चा के दौरान अनंत कुमार ने लालू को राष्ट्र विरोधी करार दिया, जिस पर राजद, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने हंगामा किया और कुमार से माफी मांगने को कहा, लेकिन भाजपा सदस्यों ने माफी मांगने से इंकार कर दिया।

शाम 4.44 बजे सदन की कार्यवाही फिर शुरू होने के बाद भी हंगामा जारी रहा और कार्यवाही का संचालन कर रहीं सुमित्रा महाजन ने कुमार से अपना भाषण जारी रखने को कहा। महाजन ने कहा कि लालू के विरोध पर अध्यक्ष मीरा कुमार विचार करेंगी। लेकिन हंगामा नहीं थमा तो महाजन ने कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी।

इससे पहले लोकसभा में बंदोपाध्याय की टिप्पणी को लेकर उठे विवाद में आचार्य ने कहा कि सदन के सदस्यों की भावनाओं का सम्मान करते हुए उन्होंने यह अध्याय समाप्त कर दिया है।

आचार्य ने यह भी कहा कि वह लोकसभाध्यक्ष मीरा कुमार के आभारी हैं कि उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के सांसद के आचरण को अस्वीकार्य बताया।

इस मसले पर बुधवार को लोकसभा दो बार स्थगित हुई। दोपहर बाद दो बजे जब सदन की बैठक दोबारा शुरू हुई तो उपाध्यक्ष करिया मुंडा ने इस मसले पर चर्चा के लिए विभिन्न दलों के नेताओं को अपनी बात रखने को कहा।

विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज, समाजवादी पार्टी नेता मुलायम सिंह यादव, राष्ट्रीय जनता दल नेता लालू प्रसाद यादव, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के गुरुदास दासगुप्ता, बीजू जनता दल के अर्जुन चरण सेठी और बहुजन समाज पार्टी के दारा सिंह चौहान ने आचार्य से अनुरोध किया कि वह इस मामले में मीरा कुमार की व्यवस्था को स्वीकार करते हुए इस मामले को खत्म समझें।

आचार्य ने कहा, "मैं लोकसभाध्यक्ष की इस व्यवस्था का बेहद आभारी हूं कि सदस्य के ऐसे आचरण को स्वीकार नहीं किया जा सकता। अन्य सदस्यों की इच्छाओं का सम्मान करते हुए मैं इस अध्याय को समाप्त कर रहा हूं।"

इसके बाद बंदोपाध्याय ने कहा, "मैंने सुबह सदन में कहा था कि अगर मेरी कोई भी टिप्पणी असंसदीय है, तो मैं क्षमा मांगने को तैयार हूं। मैं अध्यक्ष की व्यवस्था का सम्मान करता हूं और उससे सहमत हूं।"

सुबह प्रश्नकाल आरंभ होते ही लोकसभाध्यक्ष मीरा कुमार ने बंदोपाध्याय की टिप्पणी पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "ऐसे आचरण की स्वीकृति नहीं दी जा सकती।"

लोकसभा में सदन के नेता प्रणब मुखर्जी ने भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि सदन में इससे पहले भी ऐसे दृश्य देखे गए हैं इसलिए इसे दुर्भाग्यपूर्ण नहीं कहा जा सकता। उन्होंने वामपंथी सदस्यों से मामले को खत्म करने का आग्रह किया।

उधर, राज्यसभा में मणिशंकर अय्यर ने विपक्ष के नेता अरूण जेटली के खिलाफ अपनी टिप्पणी पर खेद जाहिर किया।

भोजनकाल के बाद सदन की बैठक शुरू होते ही अय्यर ने कहा वह 'अनजाने में और बिना किसी दुर्भावना' के की गई अपनी टिप्पणी पर खेद व्यक्त करते हैं।

अय्यर ने कहा, "सभापति ने तीन मई 2010 के वक्तव्य में से मेरे द्वारा कहे गए कुछ शब्दों को कार्यवाही से हटा दिया है। वर्ष 2006 में सर्वश्रेष्ठ सांसद पुरस्कार के लिए चुने जाने के नाते मैं उन शब्दों पर खेद व्यक्त करता हूं जिसे अनजाने में मैंने बिना किसी दुर्भावना के व्यक्त किए। मैं सभापति के निर्देश का पालन करता हूं और अपना भाषण जारी रखने की इजाजत चाहता हूं।"

इस पर उपसभापति के. रहमान खान ने कहा कि अय्यर सदन में गृह मंत्रालय के कामकाज पर जारी चर्चा के दौरान अपने विचार रख सकते हैं।

जेटली के खिलाफ 'फासीवादी' शब्द का इस्तेमाल किए जाने की वजह से भाजपा नेता मांग कर रहे थे कि अय्यर को इसके लिए क्षमा मांगनी चाहिए।

सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी अय्यर को सलाह दी कि वह अपनी टिप्पणी पर माफी मांगें और गृहमंत्रालय के कामकाज पर चर्चा होने दें।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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