ब्रिटेन में गुरुवार को मतदान, प्रचार चरम पर
कंजरवेटिव पार्टी को डेविड कैमरून के नेतृत्व में 13 वर्ष बाद सत्ता में वापसी की उम्मीद है जबकि लिबरल डेमोक्रेट नेता निक क्लेग की बढ़ती लोकप्रियता से कई राजनीतिक समीकरण गड़बड़ हो सकते हैं।
लेबर पार्टी की लोकप्रियता में उतार का दौर है और ब्रिटिश प्रधानमंत्री गोर्डन ब्राउन के लिए सत्ता में वापस लौटना आसान नहीं होगा। यही नहीं भारतीय मूल के लेबर उम्मीदवार मनीष सूद ने ब्राउन को अब तक का सबसे खराब प्रधानमंत्री घोषित कर दिया।
हाउस ऑफ कामन्स की 650 सीटों के लिए करीब 4.5 करोड़ वैध मतदाता हैं।
कैमरून ने बुधवार को कहा कि चुनाव में बहुत नजदीकी मुकाबला है। उन्होंने आव्रजकों की सीमा तय करने का वादा किया है जिसका सीधा असर एशियाई, अफ्रीकन और कैरेबियाई आव्रजकों पर पड़ेगा।
एक सर्वेक्षण के अनुसार कंजरवेटिव पार्टी को 35 प्रतिशत, लेबर पार्टी को 30 प्रतिशत और लिबरल डेमोक्रेट को 24 प्रतिशत लोगों का समर्थन हासिल है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार हाल के दशकों का यह सबसे नजदीकी चुनावी मुकाबला है। चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों में कैमरून को हल्की बढ़त अवश्य है लेकिन अभी भी करीब 40 प्रतिशत मतदाताओं ने कोई फैसला नहीं किया है। इसको देखते हुए तीनों प्रमुख दल लोगों को लुभाने के प्रयास में जुटे हुए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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