एनजीओ ने उठाया गरीब बच्चों की इच्छा का जिम्मा
अल्केश शर्मा
चण्डीगढ़, 5 मई (आईएएनएस)। आमतौर पर बच्चों की इच्छाएं उनकी उम्र की तरह छोटी होती हैं। लेकिन झुग्गियों में रहने वाले बच्चों की छोटी इच्छाएं भी पूरी नहीं हो पातीं। अब एक गैर सरकारी संगठन की पहल के बाद झुग्गियों में रहने वाले बच्चों के मन में इस बात की आस पैदा हुई है कि उनके छोटे सपने ही सही लेकिन एक दिन जरूर पूरे होंगे।
झुग्गियों में रहने वाले बच्चों ने अपनी तरफ से चॉकलेट, नए कपड़े, जूते और जन्मदिन मनाने, रेलगाड़ी से यात्रा करने और सुखना झील की सैर करने की इच्छा जाहिर की है।
चण्डीगढ़ के सेक्टर 26 के बापूधाम कालोनी में रहने वाले गरीब बच्चों की हर छोटी-बड़ी इच्छा को पूरा करने का जिम्मा एक गैर सरकारी संगठन 'युवसत्ता' ने उठाया है।
युवसत्ता के कार्यकर्ता कवंलजीत कौर ने आईएएनएस को बताया, "12 वर्ष तक के बच्चों को उनकी इच्छा जाहिर करने के लिए उत्साहित किया जा रहा है। इसके तहत बच्चों को अपनी इच्छाओं की एक सूची बनाकर 'विश बॉक्स' में डालना होता है। यद्यपि इसके लिए ड्रा निकाला जाता है और सौभाग्यशाली छात्रों को पहले मौका दिया जाता है। प्रत्येक महीने उनके सपनों को पूरा करने का निर्णय लिया जाता है।"
कक्षा 4 में पढ़ने वाले छात्र अभिषेक ने बताया, "मैंने कभी रेलगाड़ी में यात्रा नहीं की है। अत: मैंने रेलगाड़ी में यात्रा करने की इच्छा जाहिर की है। मैं इसके लिए अपने माता-पिता से नहीं कह सकता। मुझे आशा है कि विश बॉक्स के माध्यम से मेरी इच्छा जरूर पूरी होगी।"
बच्चों के लिए काम करने वाले एक सरकारी निकाय 'बाल पंचायत' ने इस गैर सरकारी संगठन के साथ मिलकर झुग्गियों में रहने वाले बच्चों के सपनों को पूरा करने का जिम्मा उठाया है। इस पंचायत में 300 से अधिक बच्चों को सदस्यता दिलाई गई है। जिनमें आठ से लेकर 16 वर्ष तक के बच्चे शामिल हैं।
गैर सरकारी संगठन युवसत्ता के समन्वयक प्रमोद शर्मा ने कहा, "इस क्षेत्र में कई वर्ष से काम करने के बाद मैंने महसूस किया है कि बच्चों को बदलने के लिए हम उनको एक मौका दे सकते हैं। आप इस तरह की परिषद देश में कहीं और नहीं देख सकते।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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