आम आदमी के विकास के लिए जनसंख्या नियंत्रण जरूरी : आजाद
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हमारे पास सीमित संसाधन हैं और हमें अपनी जमीन और खाद्य सामग्री की उपलब्धता की सीमाओं का ध्यान रखना पड़ेगा। स्वास्थ मंत्री ने हालांकि स्पष्ट किया कि वह जनसंख्या नियंत्रण के लिए किसी कानूनी दबाव की सिफारिश नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनसंख्या पर नियंत्रण के लिए जन जागरुकता बढ़ाने की जरूरत है।
'मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए परिवार नियोजन का पुनस्र्थापन' विषय पर आयोजित एक कार्यशाला में आजाद ने कहा, "जनसंख्या नियंत्रण को शिशु के अस्तित्व, मातृत्व स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण व रोजगार, साक्षरता और गरीबी निवारण के वृहद परिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिए।"
उन्होंने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण के हमारे प्रयास समाज के कमजोर तबकों में मातृत्व मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर की बड़ी संख्या को ध्यान में रखते हुए तय किये जाने चाहिए।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रहे प्रो. एम. एस. स्वामीनाथन ने कहा, "यदि जनसंख्या नीति गलत होती है तो इस बात की कोई संभावना नहीं कि कुछ भी सही होगा।"
उन्होंने कहा कि गरीब, महिला, प्रकृति और लोकतांत्रिक मूल्यों को केंद्र में रखकर विस्तृत नजरिए के आधार पर जनसंख्या नीति तय की जानी चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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