पहले से ज्यादा पोषक होगा मक्का
अफ्रीका और अन्य विकासशील देशों में लाखों लोगों का मुख्य आहार मक्का है, इसमें बीटा-केरोटीन जैसे पोषक तत्वों की कमी के चलते लाखों बच्चे अंधेपन का शिकार होते हैं।
मक्के में केरोटेनाइड नामक तत्व होता है, मानव शरीर इसे विटामिन-ए में परिवर्तित करने में सक्षम होता है। लेकिन बीटा केरोटीन की कमी के चलते विटामिन ए शरीर में संश्लेषित नहीं हो पाता।
अनुवांशिकी विज्ञानी मार्टिन वार्बटन और एडवर्ड बकलर ने कृषि अनुसंधान सेवा (एआरएस) के उनके सहयोगियों ने उच्च बीटा-केरोटीन युक्त मक्के की किस्मों की जीन श्रृंखला की पहचान की है। इससे ज्यादा पोषक तत्वों वाली मक्के की किस्मों की पहचान करना आसान हो जाएगा।
एआरएस ने कहा कि इस सर्वे के मुताबिक उच्च बीटा-केरोटीन वाली किस्म की एक आनुवांशिक श्रंखला की पहचान कर ली गई है।
यह शोध रिपोर्ट नेचर जेनेटिक्स पत्रिका में प्रकाशित की गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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