हथियार बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 6 जवान गिरफ्तार (राउंडअप)
राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) बृजलाल ने यहां संवाददाताओं को बताया कि झ्झांसी पुलिस लाइन में तैनात हेड कांस्टेबल बंशलाल और कांस्टेबल अखिलेश पांडे के आवास पर शुक्रवार को छापेमारी कर 303 बोर, 32 बोर, 9 एमएम की 100 से अधिक चोरी के कारतूस जब्त किए गए।
इससे पहले एसटीएफ ने रामपुर के सिविल लाइंस इलाके से पुलिस विभाग के सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक यशोदा नंदन सिंह और रामपुर सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर में हवलदार विनोद पासवान व हवलदार विनेश सिंह को गुरुवार देर शाम और मुरादाबाद पुलिस अकादमी में तैनात सिपाही नाथीराम सैनी को शुक्रवार को गिरफ्तार कर इनके कब्जे से एके 47, एसएलआर, 9 एमएम, 38 बोर और करीब 5000 से अधिक कारतूस बरामद किए।
इसके अलावा इनके पास से करीब 250 किलोग्राम खोखे और एके 47, एसएलआर, 9 एमएम, और इन्सास रायफल की कुल 16 मैगजीन के साथ दो लाख रुपये नकद भी जब्त किए गए।
बृजलाल ने कहा, 'यशोदानंदन सिंह इस गिरोह का सरगना है। बाकी तीनों सरकारी गोदाम और सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर से हिथयार व कारतूस चुराकर उसे बेचते थे।'
अधिकारी ने आशंका जताई कि यह गिरोह हथियारों को अपराधियों को बेचने के अलावा आतंकवादियों और नक्सलियों को भी बेचता था।
बृजलाल ने कहा कि गिरफ्तार लोगों ने कबूला है कि 30वीं वाहिनी सशस्त्र बल(पीएसी) गोंडा, 36 वाहिनी पीएसी वाराणसी, इलाहाबाद, चंदौली, बस्ती, मिर्जापुर, सोनभद्र, झ्झांसी, कानपुर और पुलिस अकादमी मुरादाबाद से जुड़े पुलिसकर्मी इनका सहयोग करते थे। उन्होंने कहा कि राज्य के बस्ती, कानपुर सहित कई अन्य जिलों में एसटीएफ द्वारा छापेमारी जारी है।
बृजलाल के मुताबिक, "दंतेवाड़ा की नक्सली घटना के बाद हमें सरकारी गोदामों के हथियार व कारतूस असामाजिक तत्वों को बेचे जाने की खुफिया जानकारी मिली। उसके बाद एसटीएफ की टीमें गठित कर कार्रवाई की गई।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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