CM Yogi की Amit Shah से मुलाकात, Ram Mandir से लेकर चर्चा के केंद्र में कौन से मुद्दे? 5 Point में समझें मायने
CM Yogi Meets Amit Shah Inside: उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सभी राजनीतिक दल अपनी बिसात बिछाने में जुट गए हैं। विपक्ष एक बार फिर, सत्ता की चाह में लगातार सत्तारूढ दल को राम मंदिर के मुद्दे में घेर रहा है। इस सबके बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार 14 जुलाई 2026 को अचानक गृह मंत्री अमित शाह से मिलने दिल्ली पहुंचे। दोनों की मुलाकात कर्तव्य भवन में हुई।
अटकले हैं कि सीएम योगी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से भी भेंट कर सकते हैं। हालांकि, अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस अचानक दौरे ने राजनीतिक गलियारों में सनसनी फैला दी है। आइए समझते हैं कि क्या हैं इस मुलाकात के मायने....

1. Ram Mandir Chanda Chori: डैमेज कंट्रोल की तैयारी?
अयोध्या के राम मंदिर में चंदे की कथित चोरी के मामले ने सरकार के साथ ट्रस्ट की छवि को भी धूमिल कर दिया है। राम भक्तों को आहत पहुंचाने के साथ-साथ विश्वास भी डगमगा गया है। मामले में अब तक 8 गिरफ्तारियां हुई हैं, सभी दान-गिनती प्रक्रिया से जुड़े निकले। विपक्ष में बैठी समाजवादी पार्टी लगातार, इस मुद्दे पर हमलावर है। ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 पर इसका वितरित प्रभाव न हो, इसपर गहन चर्चा हो सकती है।
दरअसल, भाजपा के लिए सबसे बड़ा चुनावी कार्ड 'राम मंदिर' ही है। इसी के बलबूते पर, खासकर यूपी की सत्ता की चाबी बीजेपी ने अपनी जेब में रखी है। लगातार दो बार (पहला कार्यकाल 19 मार्च 2017 से 25 मार्च 2022 और दूसरा 25 मार्च 2022 से अब तक) योगी आदित्यनाथ सीएम की कुर्सी पर बैठे। आपको बता दें कि, यूपी की 403 सीटों वाली विधानसभा के 2017 चुनाव में बीजेपी की अगुवाई में एनडीए 325 सीटें जीतकर सत्ता में लौटी थी। वहीं, 2022 में भाजपा गठबंधन ने 274 सीटें जीती थी।
2. 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव: गेम प्लान तैयार, बूथ मैंपिग में SIR हावी?
इस अचानक हो रही मुलाकात में आगामी 2027 यूपी विधानसभा चुनाव का मुद्दा अहम स्थान रखता है। क्योंकि, 2024 लोकसभा परिणामों के बाद अब पार्टी यूपी में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। माना जा रहा है कि आगामी कार्य योजना पर भी सीएम योगी, अमित शाह से चर्चा कर सकते हैं। इसमें, जातिगत समीकरण, विकास कार्यों का बूथ स्तर पर प्रचार, विपक्ष (सपा-कांग्रेस-बीएसपी गठबंधन की संभावना) से मुकाबले की प्लानिंग मुख्य रूप से शामिल हो सकते हैं।
दरअसल, अमित शाह को BJP का थिंक टैंक माना जाता है। मतलब साफ है कि चुनावी मास्टर स्ट्रैटजिस्ट शाह माक्रो मैनेजमेंट में माहिर हैं। सीएम योगी की अमित शाह से मुलाकात में बूथ मैनेजमेंट, कैंडिडेट सिलेक्शन और माइक्रो-मैनेजमेंट पर चर्चा संभव है। SIR के आंकड़ों के मुताबिक, बूथों का गठन। बूथ मैंपिग।
3. Nitin Nabin की नई टीम में यूपी के चेहरों पर चर्चा
नितिन नबीन को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने करीब 6 माह से ज्यादा हो चुके हैं। अब वह अपनी नई टीम यानी राष्ट्रीय कार्यकारिणी तैयार करने में जुटे हैं। माना जा रहा है कि इस टीम में युवाओं को मौका देने की प्लानिंग है। अब सवाल यह उठ रहा है कि इनकी टीम में किस राज्य से किसे चुना जाएगा और उसका कद बढ़ेगा? संभावनाएं यह भी हैं कि योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट से कोई खास चेहरा नबीन की टीम में चला जाए। अभी हाल ही में, एक वीडियो काफी चर्चा में रहा। जब नितिन नबीन लखनऊ पहुंचे, तो अभिवादन सीएम योगी के साथ डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी करने पहुंचे। नितिन नबीन वायरल वीडियो में सीएम योगी को नजरअंदाज करते दिखे। ऐसे में यूपी भाजपा में आंतरिक गुटबाजी और नए-पुराने नेताओं के बीच तालमेल की चुनौती है।
4. UP Panchayat Chunav: कब कराए जाएं?
वहीं, सीएम योगी आदित्यनाथ और अमित शाह की मुलाकात की चर्चा में यूपी के पंचायत चुनाव अहम मुद्दा हो सकता है। मौजूदा पंचायतों का कार्यकाल खत्म हो चुका है, लेकिन ओबीसी आरक्षण और अन्य औपचारिकताओं ने इन्हें टाल रखा है। खबरे हैं कि यूपी के पंचायत चुनाव, विधानसभा चुनाव के बाद हो सकते हैं। हालांकि, अभी तक बीजेपी का मूड बनता नजर नहीं आ रहा है।
5. Modi Cabinet रीशफल: यूपी कोटे में क्या?
केंद्र में मोदी सरकार 3.0 का कैबिनेट रीशफल की चर्चाएं भी राजनीति में काफी हलचल पैदा कर रही हैं। सियासी गलियारों में चर्चा है कि कैबिनेट फेरबदल का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। करीब पांच मंत्री बदले जा सकते हैं। इसमें भी युवा चेहरों को प्रमुखता दी जा सकती है। यूपी से कई नाम चर्चा में हैं।













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