हिमशैलों के पिघलने से समुद्र स्तर में वृद्धि
आर्कमिडीज के सिद्धांत के मुताबिक कोई भी तैरती वस्तु अपने भार के बराबर द्रब्य हटाती है। उदाहरण के तौर पर पानी से भरे ग्लास में बर्फ का टुकड़ा रखे जाने पर ग्लास से पानी तब तक बाहर नहीं निकलता, जब तक बर्फ पिघन न जाए।
लेकिन समुद्र का पानी तैरते बर्फ की तुलना में अधिक गरम और खारा होता है जिससे बर्फ के पिघलने पर समुद्र के स्तर में वृद्धि होती है।
लीड्स विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एंड्रयू शेफर्ड जो इस अनुसंधान का नेतृत्व कर रहे हैं, उनके मुताबिक समुद्र के स्तर में वृद्धि होना अच्छा संकेत नही है।
शेफर्ड के मुताबिक हाल के दशकों में बर्फ के पिघलने से पृथ्वी पर मौजूद बर्फ में नाटकीय कमी देखने को मिली है। यही स्थिति अंटार्कटिक और आर्कटिक क्षेत्रों में भी बनी हुई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications