इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन में गड़बड़ी संभव

भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा सामूहिक रूप से किए गए एक अध्ययन के बाद यह बात सामने आई है कि वोटिंग मशीनों के माध्यम से चुनाव परिणामों में हेराफेरी किया जा सकता है।

विशेषज्ञों द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक शोध में इस बात की पुष्टि की गई है कि भारत में प्रयोग की जाने वाली इवीएम मशीनें परिपूर्ण होने से दूर हैं और सुरक्षा की दृष्टि से इसमें गंभीर खामियां हैं।

इवीएम मशीनों का यह सामूहिक अध्ययन हैदराबाद स्थित नेट इंडिया लिमिटेड के शोधकर्ताओं की एक टीम और अमेरिका स्थित मिशीगन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने मिलकर किया। इसके अलावा इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन में विशेषज्ञ नीदरलैंड का एक संगठन भी इस अध्ययन में शामिल था।

उल्लेखनीय है कि देश में लगभग 14 लाख ईवीएम मशीनें हैं जो आंतरिक मेमोरी पर ही निर्भर हैं। बाद में पुर्नमतगणना और जांच के लिए यह मशीन किसी तरह के कागजी रिकार्ड उपलब्ध नहीं कराती है।

शोधकर्ताओं का कहा है कि इवीएम मशीन के एक छोटे भाग को बदलकर इसे नुकसान पहुंचाया जा सकता है और इसका प्रयोग बड़े ही सहज ढंग से किसी चयनित उम्मीदवार के पक्ष में किया जा सकता है।

वहीं दूसरी तरफ ईवीएम में जमा हुए मतों को मतदान और मतगणना के बीच एक खास तरह के उपकरण का प्रयोग कर मतों की संख्या में हेराफेरी की जा सकती है।

इस अध्ययन में हिस्सा लेने वाले कंप्यूटर इंजीनियर हरी प्रसाद ने कहा कि साधारण तरीके से डिजाइन की गई ईवीएम मशीनों को दो तरह से नुकसान पहुंचाया जा सकता है। इससे अधिक तरीकों से भी नुकसान पहुचाना संभव हो सकता है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+