लिट्टे के खात्मे के बाद श्रीलंका में पर्यटन बढ़ा
रुचिका खेर
कोलंबो, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। श्रीलंका में एक चौथाई सदी से ज्यादा अर्से तक चले गृह युद्ध के खत्म हो जाने के बाद अब यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
प्राकृतिक सौंदर्य से युक्त यह द्वीप, आयुर्वेद और रोमांचक स्थलों की समृद्धि के कारण खासतौर से भारतीयों को आकर्षित कर रहा है।
श्रीलंका पर्यटन विकास ब्यूरो के निदेशक दिलीप मुदादेनिया ने आईएएनएस को बताया कि साल की पहली तिमाही में श्रीलंका आने वाले पर्यटकों की संख्या पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 16 फीसदी ज्यादा रही है।
उन्होंने कहा, "आतंकवाद की ऐतिहासिक हार के बाद देश में पर्यटन उद्योग तेजी से फल-फूल रहा है और विदेशी पर्यटक भी इसमें रुचि ले रहे हैं।"
श्रीलंकाई फौज ने मई 2009 में तमिल विद्रोहियों को हरा दिया था। बरसों तक चले गृहयुद्ध में 80 हजार से ज्यादा लोगों की जानें गइर्ं। इसके अलावा देश ने पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में भारी नुकसान उठाया।
अब जबकि स्थितियां सामान्य हो रही हैं, तो पर्यटन क्षेत्र में भी तेज विकास की संभावनाएं जताई जा रही हैं।
राष्ट्रीय टूरिस्ट गाइड आर्गेनाइजेशन के महासचिव विजे मनावाडू का कहना है, "पर्यटन उद्योग में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। हम पिछले दिसंबर से लगातार काम कर रहे हैं। संघर्ष के दिनों में हम महीने में केवल 18 दिन काम करते थे लेकिन अब पर्यटकों की संख्या बढ़ने से हमारे पास काफी काम है।"
उन्होने कहा,"हम वर्ष 2011 को 'श्रीलंका का वर्ष' घोषित करने जा रहे हैं। हम 2011 में 15 लाख पर्यटक आकर्षित करने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं। अभी देश में करीब 14,500 होटल कमरे मौजूद हैं, अगले साल सरकार इनकी संख्या बढ़ाकर 50,000 करना चाहती है।"
विकास कार्यक्रम और विपणन रणनीति के जरिये ज्यादा से ज्यादा विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने की योजना पर काम चल रहा है।
उन्होंने कहा कि परंपरागत रूप से सूर्य, रेत और समुद्र वाली जगहों को पर्यटन क्षेत्र के तौर पर विकसित किया जाता है लेकिन हम नए उत्पादों के विकास पर जोर दे रहे हैं। हम आयुर्वेद, वन्यजीव, पर्यावर्णीय पर्यटन और रोमांचकारी पर्यटन जैसे उत्पादों को विकसित करने पर ध्यान दे रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications