गर्मी से सूखे झारखण्ड के तालाब और झरने
रांची, 19 अप्रैल (आईएएनएस)। लगातार ऊपर चढ़ते पारे और भीषण गर्मी के बीच राज्य के विभिन्न स्थानों पर झरनों सहित जल संग्रह सूखने लगे हैं। तीखी धूप से न केवल मानवजाति बल्कि जानवर भी परेशान हैं।
देवघर और पलामू जिलों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है जबकि बोकारो, धनबाद, जमशेदपुर और अन्य हिस्सों में पारा 45 डिग्री पार कर चुका है। राजधानी रांची में तापमान 41.6 डिग्री तक पहुंच चुका है।
रांची से 60 किलोमीटर दूर स्थित दो झरने जोहना और सीता इस गर्मी में सूख गए हैं। जोहना झरने से बहने वाली गौतम धारा नदी भी सूख गई है। ऐसा कहा जाता है कि भगवान गौतम बुद्ध इस नदी के किनारे ध्यान लगाते थे। यह नदी भी पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण है।
झारखण्ड के एक पर्यटन अधिकारी राजेंद्र महतो ने कहा, "मैंने पहली बार झरनों और नदियों दोनों को सूखते देखा है। पहले मई के महीने में जल स्तर कम हो जाता था लेकिन इस बार अप्रैल के दूसरे सप्ताह में ही दोनों झरने सूख गए हैं।"
झरनों के सूखने पर इनके जरिए जीविकोपार्जन करने वाले हजारों परिवारों का जीवन खतरे में पड़ गया है और कई परिवारों को जीविका की तलाश में दूसरी जगहों पर जाना पड़ रहा है।
रांची के बाहरी इलाकों में बहने वाले दसम और हुंड्रु झरने भी ऐसी ही स्थिति का सामना कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े पैमाने पर जंगलों की कटाई और प्रदूषण की वजह से जलवायु परिवर्तन हो रहा है। जंगलों की कटाई के चलते रांची और राज्य के अन्य हिस्सों में समान वर्षा नहीं होती है। रांची में सर्दियों में बारिश होती है लेकिन पिछले दो-तीन सालों से यह बारिश नहीं हुई है।
जल संग्रहों से संबंधित विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि रांची में करीब आधा दर्जन तालाब और तीन बांध हैं। गर्मी के चलते इनका जल स्तर दो से तीन मीटर तक गिर गया है।
पलामू की कोयल नदी और साहेबगंज की गंगा नदी का जल स्तर भी कम हुआ है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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