नि:शस्त्रीकरण के लिए सुरक्षा परिषद के ढांचे में बदलाव जरूरी : ईरान (लीड-1)
सुरक्षा परिषद पर कुछ निश्चित बड़ी ताकतों की नीतियों को आगे बढ़ाने का आरोप लगाते हुए ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय संस्था किसी देश की राष्ट्रीय सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा करने में सक्षम नहीं है।
परमाणु नि:शस्त्रीकरण पर एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में अहमदीनेजाद ने कहा कि दुनिया में इस समय करीब 20,000 परमाणु हथियार हैं और इनमें आधे से अधिक अमेरिका के पास हैं।
'परमाणु ऊर्जा सभी को,परमाणु हथियार किसी को नहीं' नामक इस सम्मेलन में 60 से अधिक देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।
अहमदीनेजाद ने कहा कि जिन देशों के पास परमाणु हथियार नहीं है उनसे एनपीटी की समीक्षा कराई जानी चाहिए। उन्होंने सुरक्षा परिषद के ढांचे में बदलाव की भी आवश्यकता जताई।
अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की भूमिका की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था परमाणु हथियार संपन्न देशों पर इनको समाप्त करने का दबाव डालने के स्थान पर जिन देशों के पास परमाणु हथियार नहीं है उन पर दबाव डालने का औजार बन गई है।
सम्मेलन के आरंभिक सत्र में ईरानी विदेश मंत्री एम. मोत्ताकी ने कहा कि तेहरान में इस सम्मेलन के आयोजित होने से स्पष्ट है कि जनसंहारक हथियारों के वैश्विक निरस्त्रीकरण से जुड़ा मुद्दा दुनिया के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
इस सम्मेलन में निरस्त्रीकरण की चुनौतियों, निरस्त्रीकरण एवं अप्रसार से जुड़े अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं और इस दिशा में व्यवहारिक कदम उठाने पर जोर दिया जाएगा।
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खुमैनी ने अपने संदेश में कहा, "परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करना या ऐसा करने की धमकी देना न सिर्फ मानवीय सिद्धांतों का उल्लंघन है बल्कि यह युद्ध अपराध का भी एक प्रमाण है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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