हेडली से पूछताछ कर सकेगा भारत : मनमोहन (राउंडअप)

ओबामा से मुलाकात के दो दिन बाद सिंह ने भरोसा जताया कि मुंबई हमले के मुख्य साजिशकर्ता लश्कर-ए-तैयबा के संदिग्ध आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली से भारत पूछताछ कर सकेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा, "राष्ट्रपति ओबामा कानूनी स्थिति से अवगत हैं और हम हेडली से पूछताछ कर सकेंगे।"

मुंबई हमलों के प्रमुख आरोपी हेडली से पूछताछ के मसले पर मनमोहन और ओबामा की रविवार को हुई मुलाकात में गहन चर्चा हुई थी। इस दौरान ओबामा ने प्रधानमंत्री को भरोसा दिलाया था कि वह भारत के आग्रह पर पूरा सहयोग देंगे। उन्होंने कहा था कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ऐसा संभव हो सकेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि परमाणु सुरक्षा शिखर सम्मेलन में स्वीकार किए गए प्रस्ताव और कार्य योजना से वह संतुष्ट हैं। इसे तैयार करने में भारत ने सक्रिय भागीदारी की।

सिंह ने कहा, "यह एक महत्वपूर्ण मसला है क्योंकि परमाणु सुरक्षा सुनिश्चित किए बिना हम विकास गतिविधियों के लिए परमाणु ऊर्जा के उपयोग बढ़ाने में सक्षम नहीं होंगे।"

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत एक वैश्विक परमाणु ऊर्जा साझेदारी केंद्र की स्थापना करेगा। यह सरकारी नियंत्रण में होगा लेकिन अकादमिक अदान-प्रदान और शोध तथा विकास गतिविधियों के लिए खुला होगा।

उन्होंने कहा कि भारत 1950 के दशक से ही परमाणु हथियारों के पूर्ण उन्मूलन के लिए आवाज बुलंद करता है लेकिन उसकी आवाज को अनसुना कर दिया गया। आज दुनिया उसी परमाणु हथियारमुक्त दुनिया के दर्शन की ओर बढ़ रही है जिसे हमने विश्व के सामने रखा था।

सिंह ने कहा, "शिखर सम्मेलन के मेजबान ओबामा के साथ द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर लाभदायक चर्चा हुई। हम इस वर्ष के अंत तक भारत में ओबामा की मेजबानी करने के इच्छुक हैं।"

सिंह ने कहा है कि पाकिस्तान द्वारा मुंबई हमले के साजिशकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए विश्वसनीय कदम उठाये जाने की सूरत में ही भारत उसके साथ वार्ता बहाली पर विचार कर सकता है।

पाकिस्तानी सरजमीं से गतिविधियां संचालित करने वाले लश्कर-ए-तैयबा सहित अन्य आतंकवादी संगठनों की ओर से भारत में किए गए हमलों के बारे में इस्लामाबाद को सौपें 10 सबूती दस्तावेजों का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अब पाकिस्तान को और साक्ष्य देने की कोई जरूरत नहीं है।

भारत-अमेरिका संबंधों में पूर्ववर्ती बुश प्रशासन के कार्यकाल जैसी गर्मजोशी नहीं जैसे सुझावों से इंकार करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा है कि दोनों देशों के संबंध एकांगी न होकर बहुआयामी हैं।

यह पूछे जाने पर कि क्या वह इस बात से सहमत हैं कि राष्ट्रपति जार्ज बुश के साथ उनके संबंध बेहतर थे, मनमोहन ने संवाददाताओं से कहा, "राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ मेरे बहुत अच्छे संबंध हैं। इसलिए मेरे विचार से इस बिंदु पर कोई भ्रम नहीं होना चाहिए।"

यह पूछे जाने पर कि ओबामा के साथ उनके व्यक्तिगत संबंध क्या वास्तव में ठोस कार्रवाई में रूपांतरित होंगे, मनमोहन ने कहा, "राजकाज से जुड़े मामलों में मेरा मानना है कि किसी को सीधे ऐसे निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए जिसकी जमीनी हकीकत से पुष्टि न हो।"

मनमोहन ने कहा कि अमेरिका सुपर पॉवर है। वह वैश्विक मामलों में एक बड़ा खिलाड़ी है और दुनिया के सामने उपस्थित समस्याओं के व्यावहारिक समाधान के लिए भारत उसके साथ मिलकर काम करने का इच्छुक है।

प्रधानमंत्री ने अमेरिका के साथ भारत जैसे परमाणु समझौते की पाकिस्तान की मांग को अधिक महत्व नहीं देते हुए कहा, "अमेरिका और पाकिस्तान के बीच हस्तक्षेप करने वाला मैं कौन होता हूं? इस मामले पर उन दोनों देशों को विचार करना है।"

ब्राजील में चीन के राष्ट्रपति हू जिन्ताओ से मुलाकात से पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि भारत और चीन सीमा मुद्दे के व्यावहारिक हल के लिए कड़ा प्रयास कर रहे हैं और जलवायु परिवर्तन सहित वैश्विक मुद्दों पर सहयोग से काम कर रहे हैं।

सिंह ने कहा, "हमारे बीच सीमा समस्या है और इसे हल किया जा रहा है। हम समस्या के व्यावहारिक हल के लिए कड़ा प्रयास कर रहे हैं। परंतु हम दोनों का मानना है कि इसमें कुछ समय लगेगा।"

प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि सीमा विवाद के हल होने तक दोनों पक्षों ने नियंत्रण रेखा पर शांति कायम रखने का फैसला किया है।

मनमोहन सिंह और हू वाशिंगटन में 47 देशों के परमाणु सुरक्षा शिखर सम्मेलन के दौरान मिले थे लेकिन उन्होंने ब्राजील, भारत,रूस और चीन के ब्रिक शिखर सम्मेलन से इतर द्विपक्षीय वार्ता करने का फैसला किया।

ईरान के खिलाफ प्रतिबंधों के लिए जहां अमेरिका समर्थन जुटाने में लगा है वहीं प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से कहा है कि भारत ईरान के परमाणु कार्यक्रम के पक्ष में नहीं है लेकिन प्रतिबंधों से केवल गरीबों को नुकसान होगा।

मनमोहन सिंह ने बताया कि उन्होंने ओबामा से कहा "हम ईरान की परमाणु हथियारों की महत्वाकांक्षा के पक्ष में नहीं हैं। मैंने उनसे यह भी कहा कि परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर हस्ताक्षर करने के नाते ईरान को परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग का अधिकार है।"

सिंह ने कहा, "परंतु प्रतिबंधों के मुद्दे पर मैंने ओबामा से कहा कि मेरा मानना है कि प्रतिबंधों से वास्तव में उद्देश्य हासिल नहीं होगा।"

परमाणु सुरक्षा शिखर सम्मेलन में ओबामा ने ईरान के खिलाफ प्रतिबंधों के पक्ष में समर्थन जुटाने का प्रयास किया था।

सिंह ने कहा कि प्रतिबंधों से देश के गरीब ही अक्सर प्रभावित होते हैं। जहां तक देश के सत्ता प्रतिष्ठानों का संबंध है, प्रतिबंधों से वे बहुत कम प्रभावित होते हैं।

यह पूछे जाने पर कि ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनैशियो लूला डी सिल्वा की तरह क्या वह भी तेहरान यात्रा की योजना बना रहे हैं, प्रधानमंत्री ने कहा कि ईरान के साथ भारत के अच्छे संबंध हैं लेकिन इतनी शीघ्र वह ईरान यात्रा की योजना बनाने में अक्षम हैं।

मनमोहन ने कहा कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में कोच्चि फ्रेंचाइजी से जुड़े विवाद से घिरे विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई का फैसला तथ्यों की पूरी जांच कर लेने के बाद किया जाएगा।

प्रधानमंत्री से जब पत्रकारों ने थरूर के मामले पर सवाल पूछे तो उन्होंने कहा, "मेरे पास सारे तथ्य नहीं हैं। जब मैं वापस जाऊंगा तो इस बारे में जानकारी लूंगा। इसके बाद अगर जरूरत पड़ी तो कार्रवाई की जाएगी।"

सिंह ने कहा, "हम अफवाहों और मीडिया रिपोर्टों के आधार पर कदम नहीं उठा सकते।"

थरूर पर कोच्चि फ्रेंचाइजी में अपनी महिला मित्र सुनंदा पुष्कर को हिस्सेदारी दिलाने के लिए पद का दुरुपयोग करने का आरोप है। विपक्षी भारतीय जनता पार्टी ने थरूर के इस्तीफे की मांग भी कर चुकी है। थरूर सुनंदा से अपनी नजदीकी रिश्तों को स्वीकार कर चुके हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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