राष्ट्रीय एकता परिषद का पुनर्गठन
राष्ट्रीय एकता परिषद में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन गडकरी और पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता प्रकाश करात तथा क्षेत्रीय व राष्ट्रीय पार्टियों के नेताओं सहित कुल 147 सदस्य होंगे।
केंद्रीय मंत्रियों, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरूण जेटली के अलावा एनआईसी में राज्यों के मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय आयोगों के प्रतिनिधि, मीडिया और व्यापार क्षेत्र के प्रतिनिधि शामिल हैं। प्रमुख सामाजिक हस्तियों और महिलाओं को भी परिषद में शामिल किया गया है।
परिषद में शामिल किए गए क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टियों के नेताओं में एम.करुणानिधि (द्रविड़ मुनेत्र कड़गम), फारूक अब्दुल्ला (नेशनल कांफ्रेंस), अजीत सिंह (राष्ट्रीय लोक दल), सुखबीर सिंह बादल, (शिरोमणि अकाली दल), एन.चंद्रबाबू नायडू (तेलुगू देशम पार्टी), ई.अहमद (इंडियन युनियन मुस्लिम लीग), मायावती (बहुजन समाज पार्टी), लालू प्रसाद (राष्ट्रीय जनता दल), मुलायम सिंह यादव (समाजवादी पार्टी), एच.डी.देवेगौड़ा (जनता दल-सेक्युलर), शरद यादव जनता (दल-युनाइटेड) और महबूबा मुफ्ती (पीपुल्स डेमाकेट्रिक पार्टी) शामिल हैं।
परिषद में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष, राष्ट्रीय जनजाति आयोग के अध्यक्ष, राष्ट्रीय महिला आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष को भी शामिल किया गया है।
व्यापार क्षेत्र से फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष हर्ष पति सिंहानिया, कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष वेणु श्रीनिवासन, एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया की प्रमुख स्वाती पिरामल, नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसिस कंपनीज के प्रमुख सोम मित्तल और टाटा संस के चेयरमैन रतन एन.टाटा को शामिल किया गया है।
20 मीडिया हस्तियों में एन.राम, शशि शेखर, मामेन मैथ्यू, शेखर गुप्ता और बरखा दत्त शामिल हैं।
सात महिला प्रतिनिधियों में इला भट्ट, मोहिनी गिरि, नूर बानो और नीरजा चौधरी को शामिल किया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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