भारतीय मूल के कनाडाई मंत्री ने पद छोड़ा
वैंकूवर, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। चुनावी कदाचार के आरोप में जांच के घेरे में आए कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सॉलिसिटर जनरल काश हीड ने शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया। हीड भारतीय मूल के कनाडाई नागरिक हैं।
संघीय संसदीय सचिव दीपक ओबराय और ओटांरियो प्रांत में मंत्री हरिंदर तखार के अलावा पश्चिमी वैंकूवर शहर के पूर्व पुलिस प्रमुख काश हीड (पूरा नाम कश्मीर हीर है) कनाडा की कैबिनेट में शामिल भारतीय मूल के तीन कनाडाई नागरिकों में से थे।
कनाडा में रहने वाले सबसे पुराने भारतीय परिवारों से संबंध रखने वाले हीड को मई 2009 के चुनाव के बाद ब्रिटिश कोलंबिया के प्रधानमंत्री (मुख्यमंत्री)ने प्रांत के पुलिस प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी थी।
हाल ही में रॉयल कनाडियन माउंटेड पुलिस ने (आरसीएमपी) ने उनके खिलाफ चुनाव संबंधी अनियमितताओं की जांच शुरू की है।
पहले पुलिस ने कहा था कि यह जांच व्यक्तिगत तौर पर उनके खिलाफ नहीं है लेकिन बाद में उनसे कहा गया कि पूछताछ के लिए उन्हें बुलाया जाएगा।
अनियमितता के आरोपों की प्रकृति के बारे में हालांकि अभी कुछ नहीं कहा गया है लेकिन सूत्रों ने आईएएनएस को बताया है कि ये प्रचार के लिए वित्तपोषण और विज्ञापन से संबंधित हो सकते हैं।
हीड ने कहा कि आरोपों से मुक्त होने के बाद ही वह दोबारा अपने पद की जिम्मेदारी संभालेंगे।
उन्होंने कहा, "मैं पूरी तरह आश्वस्त हूं कि मैंने कुछ गलत नहीं किया। इसलिए मैं आरसीएमपी के साथ जांच में सहयोग कर रहा हूं। पद और व्यक्तिगत गरिमा को ध्यान में रखते हुए मैंने इस्तीफा दिया है।"
मूल रूप से पंजाब से संबंध रखने वाले हीड का भारतीय-कनाडाई समुदाय में काफी सम्मान है। इसलिए उनके इस्तीफे से यह समुदाय काफी दुखी है।
इस समुदाय के नेता बलवंत संघेरा ने आईएएनएस से कहा, "हम लोगों के लिए यह दुख की बात है क्योंकि हीड एक ईमानदार और क्षमतावान व्यक्ति हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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