महंगाई के खिलाफ वाम नेताओं ने दी गिरफ्तारी (राउंडअप)

वामपंथी दलों की ओर से किए गए जेल भरो आंदोलन के आह्वान में मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), फॉरवर्ड ब्लॉक और रिवोल्युशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) कार्यकर्ताओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।

महंगाई पर लगाम लगाने के लिए सरकार पर दबाव डालने के उद्देश्य से वामदलों ने एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी जेल भरो आंदोलन की घोषणा की थी।

दिल्ली में जहां वरिष्ठ वामपंथी नेता संसद मार्ग पर जेल भरो आंदोलन के लिए एकत्र हुए, वहीं वामदलों के कार्यकर्ताओं ने पूरे देश में जेल भरो आंदोलन चलाया।

सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए कार्यकर्ताओं और नेताओं ने पुलिस अवरोध को पार कर संसद भवन की ओर बढ़ने का प्रयास किया। उनको जंतर मंतर पर रोक कर गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तारी से पहले एक रैली को संबोधित करते हुए माकपा महासचिव प्रकाश करात ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने, भूमि सुधार योजनाओं को लागू करने और रोजगार के अधिक अवसर पैदा करने की भी मांग की।

उन्होंने कहा कि आगे की कार्रवाई पर फैसले के लिए वाम दलों और धर्मनिरपेक्ष पार्टियों के नेताओं की बैठक 12 अप्रैल को होगी।

वाम दलों के नेताओं के अनुसार जेल भरो आंदोलन में पूरे देश में करीब 25 लाख लोगों ने हिस्सेदारी की।

पटना में इस अभियान का नेतृत्व मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की सांसद वृंदा करात तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेता अतुल कुमार अंजान ने किया।

माकपा, भाकपा और फॉरवर्ड ब्लॉक के नेता यहां के गांधी मैदान से चलकर डाक बंगला चौराहे पर पहुंचे और वहां प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान इस क्षेत्र में आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। इसके बाद पुलिस ने वृंदा और अंजान सहित सभी प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी से पहले वृंदा ने पत्रकारों से कहा कि केंद्र की गलत नीतियों के कारण देश में महंगाई कम होने का नाम नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर वह भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस को छोड़कर सभी राजनीतिक दलों को एक मंच पर लाने का प्रयास करेंगी।

बिहार में इस अभियान को पूरी तरह सफल बताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के कई और जिलों में वामपंथी कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारियां दी हैं।

माकपा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने महंगाई के खिलाफ श्रीनगर में एक रैली का आयोजन किया। पार्टी के राज्य महासचिव और विधायक एम. वाई. तारीगामी के नेतृत्व में महंगाई के खिलाफ प्रेस कालोनी में इक्कठा होकर सरकार के विरुद्ध नारेबाजी की।

श्रीनगर में तारीगामी ने कहा, "केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण आवश्यक वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं।"

माकपा नेता ने राज्य में हड़ताली सरकारी कर्मचारियों के विरुद्ध आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) लगाए जाने के लिए राज्य सरकार की भी आलोचना की।

गौरतलब है कि छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक सरकारी कर्मचारी बकाया एरियर के भुगतान और सेवानिवृति की उम्र 58 साल से बढ़ाकर 60 साल करने की मांग कर रहे हैं।

हिमाचल प्रदेश में महंगाई के विरोध में प्रदर्शन कर रहे माकपा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के मुताबिक शिमला, मंडी, हमीरपुर जिलों में पार्टी की छात्र इकाई स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान जनजीवन प्रभावित हुआ।

पुलिस अधीक्षक आर. एम. शर्मा ने आईएएनएस को बताया, "शिमला में हिंसा पर उतारू 250 से अधिक कार्यकताओं को गिरफ्तार किया गया।"

उन्होंने बताया कि प्रदर्शकारियों द्वारा अधिकांश सड़कों को अवरुद्ध किए जाने की वजह से यातायात प्रभावित हुआ।

राज्य सचिवालय के सदस्य और माकपा नेता तिकेंदर पनवार ने कहा कि प्रदर्शन पूरी तरह से सफल रहा।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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