नलिनी को दोबारा छूट नहीं दी जा सकती
चेन्नई। मद्रास उच्च न्यायालय ने नलिनी श्रीहरन की समय पूर्व रिहाई के लिए दायर की गई याचिका मंगलवार को खारिज कर दी। नलिनी पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काट रही है।
तमिलनाडु सरकार की ओर से सौंपे गए हलफनामे से सहमति जताते हुए न्यायमूर्ति एलिपे धर्मा राव और न्यायमूर्ति के.के.शशिधरन की खण्डपीठ ने कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दायर और जांच किए गए इस मामले में राज्य सरकार, केंद्र सरकार से मशविरा किए बगैर समय पूर्व रिहाई का निर्णय नहीं ले सकती।
अदालत ने कहा कि नलिनी जेल से रिहाई की अपील भर कर सकती है, लेकिन वह अधिकार के रूप में रिहाई की मांग नहीं कर सकती। अदालत ने कहा कि नलिनी ने जिस तरह के अपराध को अंजाम दिया था उसका यही तकाजा है। इसके पहले तमिलनाडु सरकार के महाधिवक्ता पी.एस.रामन ने 29 मार्च को नलिनी की मांग को खारिज करने संबंधी सरकार के निर्णय को अदालत में सौंपा था।













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