छत्तीसगढ़ नक्सली हमला : 73 सुरक्षाकर्मी शहीद (लीड-5)
पुलिस के अनुसार दंतेवाड़ा जिले के चिंतलनार इलाके में नक्सलियों ने सीआरपीएफ के सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाकर कई विस्फोट किए और फिर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसमें 73 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए।
दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री पी.चिदंबरम ने नक्सली हमले को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की वहशी प्रवृति और क्रूरता का परिचायक बताया है। उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि नक्सली किस हद तक हिंसा कर सकते हैं।
चिदंबरम ने कहा, "कुछ बहुत गलत हो गया। जवान नक्सलियों द्वारा बिछाए जाल में फंस गए। मैं स्तब्ध हूं।"
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने हमले को कायरता पूर्ण कृत्य करार दिया। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक आपात बैठक की।
सिंह ने कहा, "हमें अपनी नीति की समीक्षा रोज करनी होगी। हमें बेहतर समन्वय की जरूरत है। "
उधर, राज्य के गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने कहा कि खुफिया विफलता की वजह से नक्सली हमला हुआ।
दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक अमरेश मिश्रा ने कहा कि नक्सली हमले में शहीद 72 सुरक्षाकर्मी सीआरपीएफ के 62वीं बटालियन के थे जबकि एक राज्य पुलिस का अधिकारी था।
पुलिस महानिदेशक विश्व रंजन ने आईएएनएस से कहा कि बड़ी संख्या में सशस्त्र नक्सलियों ने सीआरपीएफ दल पर हमला कर दिया। उन्होंने कहा कि यह हमला सुनियोजित प्रतीत होता है।
घटनास्थल से घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए बस्तर जिला मुख्यालय से एक हेलीकॉप्टर भेजा गया है। इसके अलावा राज्य पुलिस बल के एक दस्ते को भी मौके पर रवाना कर दिया गया है।
पंजाब के पूर्व पुलिस प्रमुख के.पी.एस.गिल ने इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए नक्सलियों के खिलाफ राज्य सरकार की नीति को गलत करार दिया। उन्होंने एक निजी समाचार चैनल से कहा कि राज्य सरकार की नीति दोषपूर्ण है।
छत्तीसगढ़ में यह अब तक का सबसे बड़ा नक्सली हमला है। इससे पहले वर्ष 2007 में बीजापुर जिले में हुए नक्सली हमले में 55 पुलिसकर्मी मारे गए थे।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में बीजापुर, कांकेर, नारायणपुर, बस्तर और दंतेवाड़ा जिला शामिल है। इन जिलों में नक्सली सबसे अधिक सक्रिय है। यहां नक्सली हमले में वर्ष 2005 से अबतक 16,00 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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