चीन से स्थाई सदस्यता के लिए समर्थन का आग्रह
विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा ने चीन के थिंक टैंक चाइना इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज (सीआईआईएस) में कहा, "वास्तव में संयुक्त राष्ट्र में सुधार जटिल मुद्दा होने के बावजूद शायद चीन के लिए यह समय अपनी स्थिति की समीक्षा करने का और सुरक्षा परिषद में ऐसे देश की उपस्थिति का स्वागत करने का है, जो काफी हद तक उसके समान है।"
चीन ने अभी तक सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता के भारत के दावे का समर्थन नहीं किया है और उसका इरादा अंतर्राष्ट्रीय मामलों में भारत की बड़ी भूमिका का समर्थन करने से बचने का है।
भारत को उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध स्थापित होने की 60वीं वर्षगांठ के मौके पर चीन भारत के दावे का समर्थन करने की पहल करेगा।
भारत-चीन संबंधों को व्यापक वैश्विक संदर्भ में रखते हुए कृष्णा ने अंतर्राष्ट्रीय नीति निर्माण संस्थाओं को लोकतांत्रिक बनाने के लिए दोनों देशों के बीच वैश्विक साझेदारी बढ़ाने को कहा।
कृष्णा ने कहा, "निश्चित रूप से वैश्विक मुद्दों पर एशिया के दो बड़े विकासशील देशों भारत और चीन के बीच साझेदारी एक मजबूत घटना है।"
चीन और भारत के बीच प्रतिस्पर्धा की बात को खारिज करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के नेताओं को ठोस सहयोग के माध्यम से ऐसी स्थितियों का खंडन करना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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