आपात स्थितियों में नि:शुल्क इलाज करेंगे निजी अस्पताल

गुवाहाटी, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। असम में गुरुवार को जन स्वास्थ्य विधेयक, 2010 के पारित होने के बाद अब यहां के निजी अस्पतालों में सड़क दुर्घटना या फिर दिल का दौरा पड़ने पर आपातकालीन स्थिति में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों का इलाज नि:शुल्क किया जाएगा।

प्रदेश में अब आपातकालीन उपचार के दौरान मरीज या मरीज के घर वालों को किसी तरह के खर्च का भुगतान की परवाह करने की जरुरत नहीं है। राज्य सरकार ने सभी निजी अस्पतालों के लिए पहले 24 घंटों के दौरान मरीज को नि:शुल्क इलाज देना अनिवार्य कर दिया है।

उल्लेखनीय है कि गुरुवार को राज्य विधानसभा में 'असम जन स्वास्थ्य विधेयक, 2010' के पारित होने के बाद ऐसा हो सका है। देश में इस तरह का यह पहला विधेयक है जो आपातकालीन स्थिति में निजी अस्पतालों में नि:शुल्क चिकित्सा की गारंटी देता है।

असम के स्वास्थ्य मंत्री हिमंत बिस्व सर्मा ने आईएएनएस को बताया, "इस विधेयक का मूल उद्देश्य गरीबी और अमीरी के फर्क के बिना लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना और आपातकालीन स्थितियों में पहले 24 घंटे के दौरान उनके लिए बेहतर इलाज मुहैया करवाना है।"

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक आर.सी. डेका ने आईएएनएस को नई दिल्ली से फोन पर बताया, "इस विधेयक के पारित होने को मैं असम में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम मानता हूं। आपातकालीन स्थिति में निजी अस्पतालों में पहले 24 घंटे तक नि:शुल्क उपचार मुहैया कराने का फैसला निश्चित रूप से एक साहसिक फैसला है।"

इस नए विधेयक के कानून बन जाने के बाद राज्य में शुरू होने वाली नई विकास परियोजनाओं को एक 'हेल्थ इम्पेक्ट असेस्मेंट' (एचआईए) परीक्षण से गुजरना होगा।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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